विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने सोमवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के विवादित बयान के खिलाफ शहर के सतरस्ते पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए और मदनी के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान मदनी के नाम का एक पुतला भी जलाया गया, जिस पर जूते-चप्पलों की माला भी डालकर विरोध जताया गया। प्रदर्शन के बाद विहिप-बजरंग दल के पदाधिकारी कोतवाली थाने पहुंचे और मौलाना मदनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक नितिन मेषकर ने कहा कि मदनी का बयान समाज में जिहादी मानसिकता को बढ़ावा देने वाला है और इससे लोगों के बीच असुरक्षा तथा शत्रुता की भावना बढ़ सकती है। संगठन ने आरोप लगाया कि मौलाना महमूद मदनी का यह बयान भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द मामले में केस दर्ज करने की मांग की है। इस दौरान कार्यक्रम में विहिप जिला मंत्री चेतन राजपूत, जिला सह संयोजक प्रदीप दायमा, गोरक्षा प्रमुख दिनेश कीर, नगर मंत्री किशोर गौर, नगर उपाध्यक्ष प्रखर शर्मा, राहुल बड़कुर, विक्रम पासी समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


