राजस्थान के श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बीकानेर से मानसून की विदाई हो गई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान पर बन रहे प्रति चक्रवाती परिसंरचण के कारण ऐसा हो रहा है। साथ ही पिछले पांच दिन से पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा है। संभावना है कि अगले दो-तीन दिन में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। इस बीच रविवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, मंडी, कांगड़ा और पालमपुर में भारी बारिश दर्ज की गई। देश के अधिकांश हिस्सों से 15 अक्टूबर तक मानसून की विदाई हो जाएगी। जबकि दक्षिण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के कई हिस्सों में 15 अक्टूबर के बाद भी बारिश जारी रह सकती है। शेष | पेज 13 पर बता दें कि इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून की एंट्री केरल से 24 मई को ही हो गई थी। ऐसा तय समय से 8 दिन पूर्व हुआ था। 29 जून तक देश में मानसून छा गया था। सूखा रहा मेघालय: देश में सर्वाधिक बारिश के लिए विख्यात मनसिनरम और चेरापूंजी वाले राज्य मेघालय में 45% कम बारिश हुई। मेघालय में 2438 मिमी बारिश होती है लेकिन इस बार 1334 मिमी बारिश हुई। जबकि 19 मिमी की औसत बारिश वाले लद्दाख में इस बार 99 मिमी बारिश हो चुकी है यानी 421 फीसदी ज्यादा। हमारे प्रदेश में 10 साल से अक्टूबर में ही विदा हो रहा मानसून राजस्थान के पश्चिमी हिस्से से मानसून की विदाई सितंबर के दूसरे हफ्ते में शुरू हो जाती है, लेकिन मध्य प्रदेश से यह करीब दो हफ्ते बाद विदा लेता है। 10 साल में एक भी बार मप्र से मानसून की विदाई सितंबर में नहीं हुई। अक्टूबर में ही होती है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले साल भी एमपी से मानसून की वापसी 5 अक्टूबर से शुरू हुई थी। मानसून की विदाई कभी भी हो पर तय मापदंड के मुताबिक मौसम विभाग द्वारा 1 जून से 30 सितंबर तक ही मानसून सीजन माना जाता है। भोपाल में… तेज बौछारें पड़ सकती हैं खूब बरसा… देश में 107% तो मप्र में 21 % अधिक बारिश देश में इस बार अब तक 107% अधिक बारिश दर्ज हुई है। 14 सितंबर तक देश में 784.3 मिमी बारिश होती है, इस बार अब तक 840.3 मिमी बारिश हो चुकी है। राजस्थान व केंद्र शासित लद्दाख में बारिश की अधिकता रही। मप्र, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल सहित 11 में बारिश की अधिकता रही। देश के अधिकांश राज्यों से 15 अक्टूबर तक मानसून विदा होगा देश की लाइफ लाइन मानसून एक्सप्रेस अब रिटर्न हो रही है। मौसम विभाग ने बताया कि रविवार को पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। इस बार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई तय समय से 3 दिन पहले हो रही है। जबकि मप्र में अभी मानसून विदा होने में दो हफ्ते और लगेंगे। हालांकि मप्र के मुकाबले राजस्थान में 48% ज्यादा बारिश हुई है। मप्र में… अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार


