प्रदेश में 24 घंटे पहले आई आंधी से रायपुर, भिलाई समेत कई जिलों में बिजली सप्लाई ध्वस्त हो गई। व्यवस्था बहाल करने के लिए पावर कंपनी का मैदानी अमला जुटा रहा। शुक्रवार शाम तक करीब 80% व्यवस्था बहाल हो पाई, जबकि देर रात तक बची हुई 20% शिकायतों का निराकरण चलता रहा। आंधी-बारिश से रबी की फसल, सब्जियों और फलों में खासकर आम पर पड़ा। भिलाई में पपीते और केले की 800 एकड़ खेती प्रभावित हुई है। दुर्ग में गेंदे की फसल पर असर पड़ा। मौसम विज्ञानी डा. गायत्री वाणी कांचिभ के अनुसार 3 दिनों तक प्रदेश में बारिश, ओले गिरने और 60 किमी/ घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। जानिए, बिजली व्यवस्था के अलावा इसका क्या असर गरियाबंद, भाटापारा, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार में बड़े पैमाने पर पेड़ गिरे हैं। गुरुवार की शाम से क्षतिग्रस्त पावर सप्लाई सिस्टम की मरम्मत करने का काम चल रहा है। अधिकांश जगहों पर मेंटनेंस वर्क हो चुका है। निजी शिकायतों का निराकरण शुक्रवार देर शाम तक किया गया।
-भीम सिंह कंवर, एमडी पावर वितरण कंपनी बारिश, ओले और अंधड़ से रबी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा रहा। खेत में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इसके अलावा फलों में आम, केला, पपीता को भी खासा नुकसान हुआ है। भाजियां और लोकल सब्जियां भी आंधी-बारिश से खराब हुई हैं।
– डॉ. जीके दास, कृषि मौसम विज्ञानी


