भास्कर संवाददाता|टोंक जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। अब सर्दी में इजाफा होने के साथ ही बारिश के आसार भी बने हैं। मौसम विभाग ने गुरूवार को यलो अलर्ट जारी किया था। इसका असर जिले में नजर आया। दोपहर बाद आसमान में आंशिक बादल छाए नजर आए। अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को दिनभर धुंध और आंशिक बादलों का डेरा रहा, जिससे मावठ जैसी स्थिति बन रही है। किसानों का कहना है कि मावठ आती है तो ये रबी की फसलों के लिए अमृत का काम करेंगी। लेकिन इसके साथ ओलावृष्टि होने पर फसल को नुकसान की संभावनाएं हैं। बारिश गेहूं, सरसों, चना, जौ जैसी फसलों को प्राकृतिक सिंचाई देती है, जिससे फसलों की ग्रोथ बेहतर होती है, पैदावार बढ़ती है और सिंचाई का खर्च भी बचता है। इसलिए इस मौसम को देखकर किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। लेकिन ओलावृष्टि की संभावनाओं ने उनकी चिंताएं भी बढ़ा रखी है। आगामी दिनों में मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत प्रभाव से जिले सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है। उसके बाद 26 जनवरी से एक और विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सर्दी का प्रकोप बढ़ेगा, लेकिन दिन में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव रहेगा। जिले में गुरुवार को आसमान में बादल छाने एवं दिनभर धुंध की स्थिति रही। इसका असर वायु गुणवत्ता पर भी रहा। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार टोंक का एक्यूआई लेवल 220 तक रहा। जो खराब स्थिति है। इसमें आगामी दिनों इसमें उतार-चढ़ाव हो सकता है।


