मौसम में नमी के कारण बढ़ रहा वायु प्रदूषण:खारा में सिरेमिक जोन हटाने पर ग्रामीण-उद्यमी आमने-सामने, निजी इंडस्ट्री भी समस्या

खारा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं से हो रहे वायु प्रदूषण के मुद्दे पर ग्रामीण और उद्यमी आमने-सामने आ गए हैं। उद्यमियों का कहना है कि गांव की आपसी राजनीति के कारण उन्हें मोहरा बनाया जा रहा है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट में पीओपी फैक्ट्रियों की गैस जहरीली नहीं पाई गई है। उधर, ग्रामीण सिरेमिक जोन हटाने पर अड़े हुए हैं। शाम को दोनों पक्षों की बैठक भी हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। प्रदूषण हटाओ, खारा बचाओ संघर्ष समिति ने गांव को वायु प्रदूषण मुक्त कराने के लिए गांव से सटे सिरेमिक जोन को हटाने पर अड़ गए हैं। उनका कहना है कि यहां एक साथ फैक्ट्रियां चलती हैं, जिससे घना धुआं होता है। इसके अलावा निजी औद्योगिक क्षेत्र में लगी पीओपी सहित अन्य इंडस्ट्रीज पर पॉल्यूशन बोर्ड का कोई अंकुश नहीं है। वहां फैक्ट्रियां 24 घंटे चलाई जा रही हैं। शाम होने के बाद आसमान धुएं से अट जाता है। सुबह नौ बजे तक ऐसे हालात रहते हैं। गजेसिंह ने बताया कि सिरेमिक जोन की सभी फैक्ट्रियां जब तक बंद नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। खारा गांव में ही रीको से सटे एक निजी औद्योगिक क्षेत्र में सौ से ज्यादा पीओपी की फैक्ट्रियां हैं, जिन पर रीको और पॉल्यूशन बोर्ड का कोई अंकुश नहीं है। उन्होंने बताया कि शाम को उद्यमियों की तरफ से कुछ लोग आए थे। हमने कह दिया है कि जिला प्रशासन, रीको और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साथ रविवार को मीटिंग करेंगे। प्रदूषण कैसे कम करना है यह उद्यमियों को ही तय करना है। बच्चों की परीक्षा को देखते हुए स्कूल बहिष्कार की घोषणा को वापस ले लिया गया है। सरपंच भैरूसिंह सिसोदिया, कन्हैयालाल जोशी, पूर्व सरपंच पूनमाराम मेघवाल, भंवरलाल, कानसिंह, उम्मेद सिंह सांखला, पूर्ण सिंह, सुरेश कुमार पारीक, लक्ष्मण कुमार, परमानंद ओड, राम स्वरूप, हरिसिंह और विक्रम परिहार ने ग्रामीणों से संपर्क कर आंदोलन में एकजुट होने की बात कही। प्रदूषण नहीं होने से खारिज हुई एनजीटी में याचिका खारा गांव में वायु प्रदूषण को लेकर एनजीटी में जनहित याचिका दायर की गई थी, लेकिन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट में फैक्ट्रियों की गैसें जहरीली नहीं पाई गईं। वायु प्रदूषण नहीं होने के कारण ही एनजीटी ने जनहित याचिका खारिज की थी। खारा उद्योग संघ के अध्यक्ष परविंद्र सिंह ने बताया कि पिछले साल जयपुर से आए दल ने वायु प्रदूषण की गहन जांच की थी। इस जांच में किसी भी प्रकार के हानिकारक अथवा जहरीली गैस के उत्सर्जन की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा सीएमएचओ की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तो किसी के गंभीर संक्रमण नहीं मिला। अध्यक्ष का कहना है कि गांव के कुछ व्यक्ति राजनीतिक स्वार्थ के लिए आंदोलन को हवा दे रहे हैं। ग्राम पंचायत ने पॉल्यूशन कम करने के लिए आज तक कोई प्रयास नहीं किए। औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध कब्जे हैं, जिन्हें रीको हटा नहीं रहा है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इन मुद्दों को लेकर मंगलवार को खारा के उद्यमी कलेक्टर से मिले। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी भी उनके साथ थे। राठी ने कहा कि खारा की फैक्ट्रियां पॉल्यूशन बोर्ड के मानकों पर चल रही हैं। रीको, ग्राम पंचायत और प्रशासन की संयुक्त बैठक कर समाधान निकाला जाए। ज्ञापन देने वालों में संजय सांड, शिवनारायण दिलाइया, अरुण बांठिया, राजेश चावला, नरेश राजपुरोहित, ईश्वरचंद बोथरा, हरीश परिहार, राजेंद्र, संतोष खीचड़ सहित कई उद्यमी मौजूद थे। भास्कर इनसाइट-शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 280 तक पहुंचा: सर्दी के कारण नमी बढ़ने से शहर में वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। सोमवार रात को एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 280 रिकॉर्ड किया गया है। रविवार को एक्यूआई 293 तक पहुंच गया था, जबकि पांच और छह दिसंबर को 226-232 था। नवंबर से एक्यूआई दो सौ से ऊपर चल रहा है। खारा औद्योगिक क्षेत्र की बात करें तो पिछले साल नवंबर में एक्यूआई 900 तक पहुंच गया था। इसे लेकर राज्य पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीमों ने कई बार खारा का दौरा किया था। तभी से पॉल्यूशन को लेकर विवाद चल रहा है। “खारा औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिले हैं। गांव में प्रदूषण को लेकर आ रही समस्या का समाधान करने का आश्वासन कलेक्टर ने दिया है।” -जुगल राठी, अध्यक्ष, बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल “गांव में आपसी राजनीति के कारण उद्यमियों को परेशान किया जा रहा है, जबकि सभी फैक्ट्रियां पीसीबी के तय मानकों पर ही चल रही हैं।” -परविंद्र सिंह राठौड़, अध्यक्ष, खारा उद्योग संघ “गांव के पास से सिरेमिक जोन हटाने की मांग अटल है। उद्यमी हर बार वादा करते हैं, लेकिन एक साथ फैक्ट्रियां चलती हैं, जिससे प्रदूषण होता है।” -गजेसिंह, निवासी खारा

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