आरोपियों ने ठगे 1.57 करोड़, पुलिस ने करीब एक करोड़ होल्ड कराया राजधानी पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत जिले के 101 आरोपियों के घर एक साथ रेड कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग स्थानों में 30 घंटे तक रेड की कार्रवाई चली। कुछ आरोपियों ने अपना पता बदल दिया है, उनकी भी तलाशी की जा रही है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 930 से ज्यादा अपराध दर्ज हैं। ये सभी आरोपी म्यूल बैंक अकाउंट धारक हैं। इनके खातों में ठगी के पैसों का लेन देन किया जाता था। आरोपियों के खातों से पीड़ितों के 1.57 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। इनके खाते से 1.06 करोड़ रुपए होल्ड भी कराया गया है। इस कार्रवाई में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए। आरोपियों को चिंहांकित करने के बाद पुलिसकर्मियों की 20 से ज्यादा टीमों ने रेड की कार्रवाई की। टोल फ्री नंबर – 1390 में दर्ज शिकायत पहुंच रही केंद्र के क्राइम पोर्टल में राजधानी में ठगी का शिकार होने वाले पीड़ित लगातार टोल फ्री नंबर- 1390 में कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। इसी शिकायत से म्यूल खाता चलाने वालों का भांडा फूटा। टोल फ्री नंबर- 1390 में की जाने वाली शिकायत सीधे केंद्र सरकार की साइबर क्राइम पोर्टल से कनेक्ट है। वहां पीड़ितों की शिकायत की जांच कर ये पता लगाया गया कि ठगी का पैसा कौन-कौन से खातों में ट्रांसफर होते हुए ठगों तक पहुंचा है। ऐसे 2000 संदिग्ध खातों की लिस्ट जनवरी में रायपुर साइबर रेंज भेजी गई और उसी के बाद शुरू हुई तफ्तीश। 25 साइबर एक्सपर्ट जवानों और अफसरों की टीम ने उन खातों को खंगाला। एक-एक खाते का बैंक ट्रांजेक्शन चेक करने के बाद 101 वो चेहरे सामने आए जो ठगी के करोड़ों रुपए को खपा रहे हैं। साइबर टीम ने इन्वेस्टिगेशन के दौरान खाताधारकों की क्राइम हिस्ट्री चेक की। तहकीकात के दौरान पता चला कि कोई हत्या का आरोपी है तो कोई पहले से साइबर फ्रॉड कर चुका है। लूट, मारपीट, बलवा और चाकूबाजी के साथ-साथ नशे का सामान बेचने वाले भी उनमें शामिल थे। फिर इनके खातों का ट्रांजेक्शन चेक किया तो पता चला इनके खातों में एक दिन में 20-25 बार पैसे आए और दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। पैसे भी थोड़े नहीं थे, किसी के खाते में एक दिन में दो, तो किसी के खाते में 1 लाख तक आए। ऐसा रोज होने का प्रमाण मिला। यानी एक महीने में 25 से 30 लाख तक का ट्रांजेक्शन किया गया। जबकि उनका प्रोफाइल ऐसा नहीं था कि इतनी बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन हो सके। इतना ही नहीं, इनमें कुछ लोगों के कई बैंकों में खाते मिले। इससे ये स्पष्ट हो गया कि उनका ट्रांजेक्शन संदिग्ध है। यही रिकार्ड सामने आने के बाद 200 लोगों की टीम बनाकर बुधवार-गुरुवार को छापेमारी शुरू की गई। एक-एक की पहचान कर उनके घरों से पकड़ा गया। कुछ का पता बदल गया है। उनकी तलाश की जा रही है। इन बैंकों में हैं म्यूल खाते
इंडियन ओवरसीज बैंक में 21, कर्नाटका बैंक में 41, रत्नाकर बैंक में 54, कोटक महिंद्रा बैंक में 41, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 128 म्यूल खाते मिले हैं।
10 से 20 प्रतिशत तक कमीशन ले रहे थे ठग गैंग से
बैंक खातों को किराए पर देने वाले इन आरोपियों को ठगी की रकम का 10 से 20 फीसदी कमीशन मिल रहा था। हालांकि ये कमीशन भी आरोपी के प्रोफाइल के आधार पर तय होता था। किसी को 5 से 3 फीसदी कमीशन भी दिया जा रहा था।


