बिलासपुर जिले के मोपका-बायपास में बनी 35.88 करोड़ रुपए की सड़क बुरी तरह उखड़ गई है। वर्ष 2016 में बनी इस सड़क में दो हजार से अधिक गड्ढे हैं, जिसमें 100 से ज्यादा बेहद खतरनाक हैं। यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। भारी वाहनों के पहिए गड्ढों में समा जा रहे हैं। यहां एक से सवा फीट तक के गड्ढे हैं। जब भी इस सड़क के बनाने की बात होती है तो पीडब्ल्यूडी के अफसर कहते हैं कि फाइल अभी मंत्रालय में है। बता दें कि 2016 में जब यह सड़क बनी तब इसकी लागत 35.88 करोड़ थी। 2020 से 2024 तक रिपेयरिंग में 5 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
कंटेंट: दीपक देवांगन, ड्रोन फोटो:शेखर गुप्ता अब नए सिरे से बनाना होगा
एसके जैन, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर ने बतया कि मोपका बायपास की जो स्थिति आप बता रहे हैं और जो तस्वीरें आई हैं, उसके हिसाब से अब मरम्मत की स्थिति नहीं है। इसे उखाड़कर नए सिरे से बनाना होगा। डामर सड़क की वैल्यू तीन साल की होती है। इसके बाद मरम्मत की जरूरत पड़ती है। इसमें बेस वर्क जिसे जीएसबी कहते हैं यानी मुरुम की निर्धारित मात्रा में लेयर बिछाना अनिवार्य है। इससे वैल्यू बढ़ जाती है। निर्माण के दौरान यदि कोई कमी रह जाती है तो सड़क की आयु भी कम हो जाती है।


