शिवराज बोले- खुद को जनता से ऊपर न समझें:प्रशिक्षण – एकात्म मानववाद के जरिए सांसदों-विधायकों को नसीहत

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने एकात्म मानववाद के सहारे सांसदों- विधायकों को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद भी जनता के बीच से ही आते हैं। वे खुद को जनता से ऊपर न समझें। उनको जनता के लिए ही काम करना है। यह न भूलें कि जनता की सेवा के लिए ही वे चुने गए हैं। एकात्म मानववाद का दर्शन भी हमें यही सिखाता है। यह सभी भारतीय दर्शनों का निचोड़ है। इसमें आम आदमी से लेकर शीर्ष स्तर पर बैठे व्यक्ति को एक मानते हुए सभी के सुख के लिए काम करना है। यही सरकार का मूल उद्देश्य है। इसी सिद्धांत पर भाजपा का एक-एक नेता और कार्यकर्ता काम करता है। शिवराज मैनपाट में भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन सांसदों और विधायकों को संबोधित कर रहे थे। सोशल मीडिया में विपक्षी हमले का आक्रामक जवाब दें : तावड़े
राष्ट्रीय महामंत्री महामंत्री विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया में निष्क्रिय विधायकों को दो टूक कहा कि यदि अपने बूते विधायक बने हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन यदि पार्टी के कारण विधायक हैं तो सोशल मीडिया में आक्रामक रहें। भाजपा के बड़े नेताओं को लेकर विपक्षी नेताओं के पोस्ट पर आक्रामक तरीके से जवाब दें। सोशल मीडिया केवल शुभकामना संदेश भेजने के लिए नहीं है। फोटोबाजी और शुभकामना संदेश देने से बचें। जिन विधायकों और सांसदों की सोशल मीडिया में सक्रियता कम है, वे फॉलोअर्स बढ़ाएं और सक्रिय रहें। भ्रष्टाचार रोकने के लिए कठोर निर्णय लेने पड़ रहे: साय
विकसित छत्तीसगढ़ अवसर और चुनौती विषय पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए कठोर निर्णय लेने पड़ रहे हैं। प्रशासनिक विसंगतियों पर हमको कठोर होना पड़ेगा तब हम निर्णय ले पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्कूल में 12 शिक्षक हैं यदि उनको एकल शिक्षकीय या शिक्षक विहीन स्कूल में नहीं भेजेंगे तो शिक्षा व्यवस्था चरमरा जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे का संरक्षण बड़ी चुनौती है। राजकोषीय घाटा को कम करने के लिए हम जो योजनाएं लॉन्च कर रहे हैं, उसके लिए पैसे की व्यवस्था भी कर रहे हैं। हमने जीएसटी का कलेक्शन बढ़ाया है। आबकारी और माइनिंग के लीकेज को बंद किया है।

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