चारदीवारी क्षेत्र में ई-रिक्शा बैन के बाद ऑटो रिक्शा की संख्या अचानक बढ़ने से यातायात पुलिस ने सघन जांच शुरू की। बुधवार को हुई कार्रवाई में अवैध रूप से संचालित ऑटो का पूरा नेटवर्क उजागर हो गया। जांच के दौरान 250 से अधिक ऑटो रिक्शा जब्त किए गए, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही कई ऑटो चालक रास्ता बदलकर गलियों से बाहर निकल गए। पुलिस की सख्ती के बाद चारदीवारी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था कुछ हद तक सुचारु होती नजर आई। जांच में सामने आया कि चारदीवारी में ई-रिक्शा और ऑटो संचालन का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसके सदस्य आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं। ये लोग आपसी मिलीभगत से परकोटे में वाहनों का संचालन करते हैं और नए चालकों को प्रवेश नहीं करने देते। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन कैब-ऑटो के बीच टकराव जैसी स्थिति बन रही थी। परिणामस्वरूप वैध ऑटो चालकों को चारदीवारी में प्रवेश तक नहीं मिल पा रहा था, जबकि अवैध ऑटो मनमर्जी से संचालित हो रहे थे। इन रूटों पर ई-रिक्शा संचालन प्रतिबंधित व्यापारियों से अपील की गई है कि वे अपने वाहन जेडीए की भूमिगत पार्किंग (रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम) और आतिश मार्केट की निर्धारित पार्किंग में ही खड़े करें। कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने बताया कि अवैध रूप से संचालित किसी भी वाहन चाहे वह ऑटो हो या ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही ई-रिक्शा को कलर-कोड के आधार पर संचालित किया जाएगा। दैनिक भास्कर ने 24 दिसंबर के अंक में ‘जाम का ऑटो मोड’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो रिक्शा के दस्तावेजों की जांच शुरू की।


