गुना के कैंट थाना क्षेत्र से युवक के अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट और जबरन पैसे ट्रांसफर कराने के मामले में कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी पर युवक से दस हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराने का भी आरोप है। मामला वर्ष 2023 का है। फरियादी विशाल सिलावट (21) निवासी आरोन ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। विशाल ने बताया कि वह 26 मई 2023 को नर्सिंग की ट्रेनिंग के सिलसिले में जिला अस्पताल गुना आया था। दोपहर करीब 1.30 से 2 बजे के बीच उसके पास फोन आया और शादी में मेहंदी लगवाने की बात कहकर उसे मारुति शोरूम बुलाया गया। जबरन कार में बैठाकर ले गए सुनसान जगह
मारुति शोरूम पहुंचते ही सफेद रंग की कार में बैठे दो लोगों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया, कांच बंद कर दिए और दरवाजे लॉक कर बायपास रोड की ओर ले गए। विरोध करने पर उसकी गर्दन पकड़कर सीट पर पटक दिया गया। आरोपी उसे गोपीसागर डेम के पास एक सुनसान खेत में बने टूटे मकान में ले गए। दो घंटे तक बेरहमी से मारपीट
वहां एक आरोपी ने यह कहते हुए मारपीट शुरू कर दी कि वह उसकी पत्नी को परेशान करता है। बेल्ट और थप्पड़ों से करीब दो घंटे तक मारपीट की गई। कपड़े उतारकर अपमानित किया गया और गालियां दी गईं। 10 हजार की फिरौती ऑनलाइन ट्रांसफर कराई
आरोपियों ने धमकी दी कि 10 हजार रुपए तुरंत ट्रांसफर करो, तभी छोड़ा जाएगा। मजबूरी में विशाल ने अपनी मां के फोन-पे से बताए गए नंबर पर रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद भी उसके साथ मारपीट की गई। मौका पाकर भागकर बचाई जान
वापसी के दौरान रास्ते में आरोपी सिगरेट लेने उतरे। इसी दौरान विशाल ने गाड़ी से उतरकर भागते हुए गादेर गुफा स्थित वाटर पार्क पहुंचकर सिक्योरिटी गार्ड से मां को फोन कराया। बाद में मां मौके पर पहुंचीं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी पर इनाम, फिर गिरफ्तारी
पुलिस ने पवन रजक और एक अज्ञात के खिलाफ अपहरण, SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था।14 नवंबर को एसपी अंकित सोनी ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। 20 नवंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन रजक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोर्ट से नहीं मिली जमानत
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जिला न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले के गुण-दोष में गए बिना जमानत आवेदन खारिज कर दिया।


