भास्कर न्यूज |लुधियाना नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों और इसके कारण उजड़ते घरों पर चिंता जताते हुए युवा सेवाएं विभाग ने गांव चौकीमान में जागरूकता अभियान के तहत सेमिनार का आयोजन किया। सहायक निदेशक दविंदर सिंह लोटे, सिविल डिस्पेंसरी की डॉ. तनिष, और एएसआई राजविंदरपाल सिंह ने इस मौके पर नशे के नुकसान, इससे बचाव के उपाय और नशामुक्ति केंद्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि नशे के कारण युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सहायक निदेशक दविंदर सिंह लोटे ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का नुकसान करता है। उन्होंने बताया कि नशे की वजह से कई युवा अपनी शिक्षा और करियर खो देते हैं। नशे के खिलाफ सभी को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। सिविल डिस्पेंसरी की डॉ. तनिष ने बताया कि युवा आमतौर पर दबाव, साथियों के प्रभाव, या असफलताओं के कारण नशे की चपेट में आते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जो युवा नशा छोड़ना चाहते हैं, उन्हें तुरंत नशामुक्ति केंद्रों से संपर्क करना चाहिए। वहां उनकी काउंसलिंग और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। एएसआई राजविंदरपाल सिंह ने नशे के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के आदी युवा न केवल अपने जीवन को बर्बाद करते हैं, बल्कि समाज में अपराध और अस्थिरता को भी बढ़ावा देते हैं। सेमिनार में वक्ताओं ने जोर दिया कि नशे की समस्या को केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से ही दूर किया जा सकता है। जागरूकता, परिवार का सहयोग और नशामुक्ति केंद्रों की मदद से इस समस्या का समाधान संभव है। युवा सेवाएं विभाग के इस जागरूकता अभियान को ग्रामीणों ने सराहा और नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। नशे के खिलाफ जागरूक किया- गांव चौकीमान के युवा नेता गुरविंदर सिंह गोल्डी ने भी युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया। सेमिनार के दौरान जशनप्रीत सिंह, चौकीमान से यूथ सर्विसेज विभाग की टीम, सरपंच केवल सिंह धालीवाल, समाज सेवा व युवा सेवा क्लब चौकीमान के सदस्य जसबीर सिंह धालीवाल, करनबीर सिंह और राजबीर सिंह धालीवाल ने भी विचार रखे।


