छत्तीसगढ़ के कोरबा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गीता जयंती के अवसर पर शौर्य प्रदर्शन किया। इस दौरान, बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों के विरोध में कई स्थानों पर बांग्लादेश के झंडे को पैरों तले कुचला गया। पुलिस बल भी स्थिति पर निगरानी रखने के लिए तैनात रहा। यह कार्यक्रम गीता जयंती के उपलक्ष्य में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले शौर्य प्रदर्शन का हिस्सा था। हाल ही में बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं और हिंदुओं पर अत्याचारों को लेकर कोरबा में विरोध व्यक्त किया गया, जिसके चलते यह प्रदर्शन किया गया। रैली का जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत बड़ी संख्या में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता सुभाष चौक स्थित दशहरा मैदान में एकत्रित हुए। इसके बाद, उन्होंने एक रैली निकाली, जो सुभाष चौक, निहारिका घंटाघर, बुधवार चौक और घोड़ा चौक जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरी। इन चौराहों पर बांग्लादेश के झंडे बनाए गए थे, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने पैरों तले कुचला। कुछ स्थानों पर महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में किया प्रदर्शन बजरंग दल के जिला संयोजक राना मुखर्जी ने बताया कि यह शौर्य संचलन पूरे देश में बजरंग दल द्वारा निकाला जाता है, और कोरबा में भी इसी के तहत रैली आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों, जिसमें तीन बच्चों और एक अन्य व्यक्ति को जिंदा जलाने की घटनाएं शामिल हैं, के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। रैली का समापन पंप हाउस कॉलोनी मैदान में एक सभा के साथ हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के झंडे कुचलकर यह संदेश दिया कि हिंदू समुदाय एकजुट है और भविष्य में किसी भी अत्याचार का सामना करने के लिए तैयार है।


