मंगलवार को परिवहन विभाग के आरटीओ कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दफ्तर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। कांग्रेसियों का आरोप है कि लर्निंग और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर आम लोगों से तय शुल्क से ज्यादा राशि वसूली जा रही है। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और हालात को काबू में किया। तय शुल्क से ज्यादा वसूली का आरोप
जिला युवा कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण के महासचिव दीपांकर साहू ने बताया कि आरटीओ परिसर में एजेंटों और बाहर लगी दुकानों के जरिए आवेदकों से तय शुल्क से कहीं ज्यादा रकम वसूली की जा रही है। इस मुद्दे पर उन्होंने पहले भी कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। जनदर्शन कार्यक्रम में भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लगातार अनदेखी से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी कारण मजबूरी में आज उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर आरटीओ कार्यालय में ताला लगाने की कार्रवाई की है। विभाग ने आरोपों को किया खारिज
वहीं परिवहन विभाग ने कांग्रेसियों के आरोपों को सिरे से नकार दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आरटीओ कार्यालय में केवल वही शुल्क लिया जाता है, जो शासन स्तर पर निर्धारित किया गया है। परिसर के बाहर लगी निजी दुकानों से वसूली जाने वाली राशि पर विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो वे प्रस्तुत करें, विभाग जांच कर कार्रवाई करेगा। कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेसियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मांग की गई है कि आरटीओ परिसर और उसके बाहर संचालित दुकानों की जांच कराई जाए। साथ ही लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस की फीस तय दर से अधिक वसूलने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। ज्ञापन में कहा गया कि आम जनता से अवैध वसूली रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस रही अलर्ट मोड पर
विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। नारेबाजी और गेट पर ताला लगाए जाने से आरटीओ कार्यालय का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और गेट का ताला खुलवाया। हालात को देखते हुए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।


