देवास में युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को आबकारी विभाग कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने विभाग पर आरोप लगाया कि शहर में ‘डायरी प्रणाली’ के तहत शराब बेची जा रही है। वहीं, आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ‘डायरी प्रणाली’ को मान्यता देने से इनकार करते हुए कहा कि लाइसेंस के अतिरिक्त शराब बिक्री होने पर कार्रवाई की जाती है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर में गली-गली अवैध शराब बेची जा रही है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा कि शराब की दुकानों पर अवैध आहते संचालित हो रहे हैं, जिससे लोग शराब पीकर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। जिलाध्यक्ष बोले- कांग्रेस खुद करेगी कार्रवाई जिलाध्यक्ष मनीष चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि देवास में अवैध शराब की बिक्री जारी रहती है, तो कांग्रेस स्वयं कार्रवाई करेगी। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर की होटलों में भी शराब बेची जा रही है। युवा कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह गौड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आबकारी विभाग के अधिकारी डेढ़ लाख रुपए प्रति माह वेतन लेते हैं, लेकिन वे कथित तौर पर प्रत्येक वाइन शॉप से भी डेढ़ लाख रुपए लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने ‘डायरी सिस्टम’ बना रखा है, जिसके तहत छोटे ठेकेदारों पर मामले दर्ज किए जाते हैं, जबकि मुख्य ठेकेदार पर कभी कार्रवाई नहीं होती। गौड़ ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा बंद किए गए आहते आज भी चालू हैं। आबकारी विभाग के अधिकारी महेश पटेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाग पहले से ही इस पर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, वहां पूर्व में भी कार्रवाई की गई है। पटेल ने रिश्वत लेने के आरोपों को सिरे से खारिज किया।


