सिटी रिपोर्टर | बोकारो कहते हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, बस उसे सही दिशा और मंच मिलने की देर है और दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो ने एक बार फिर अपने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और उनके वैज्ञानिक कौशल को नई उड़ान दी है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए एस गंगवार के कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में है। एआई को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों ने उसे मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जरूरतों से जोड़ दिया है। अपनी इसी असाधारण प्रतिभा के दम पर विद्यालय के युवा वैज्ञानिकों के चार प्रोजेक्ट अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपना धमाल मचाएंगे। साइंस फॉर सोसाइटी, बोकारो और विज्ञान जागरण समिति, झारखंड की ओर से हाल ही में शहर में आयोजित जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यालय की ओर से विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर आधारित चार अभिनव प्रोजेक्ट्स पेश किए गए। अगले चक्र के लिए चयनित प्रोजेक्ट्स में छात्र सरित चक्रवर्ती और लक्ष्य रंजन ने एक ऐसे रोबोट को प्रस्तुत किया, जो न केवल घर के कामों में हाथ बंटा सकता है, बल्कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लोगों की मदद करने में भी सक्षम है। मात्र 13 साल के नन्हे वैज्ञानिकों का यह मल्टीटास्किंग ह्यूमनॉइड एआई के जरिए यह समझने में सक्षम है कि उसे कब और कहां क्या मदद देनी है। इसी प्रकार, कृषि प्रधान भारत में जब फसलें बीमारियों की चपेट में आती हैं, तो किसानों की कमर टूट जाती है। इस दर्द का इलाज ढूंढा है होनहार छात्र श्रेय कश्यप और यश राज ने। उन्होंने एग्रोशील्ड एआई नामक एक स्मार्ट प्लेटफॉर्म बनाया है। यह तकनीक फसलों के स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे पहरा देती है।


