कोटा नगर निगम की ओर से हर साल वसूल किया जाने वाला नगरीय विकास कर जमा नहीं करवाने वालों पर निगम की तरफ से शिकंजा कसा जा रहा है। निगम, बड़े बकायादारों को नोटिस देने के बाद अब उनके प्रतिष्ठान की सीजिंग की कार्रवाई में जुट गया है। नगरीय विकास कर का लक्ष्य करीब 18 करोड़ रुपए हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने में अब मात्र दो महीने का समय बचा है। 31 मार्च को वित्त वर्ष समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यूडी टैक्स वसूली के लक्ष्य को इन शेष दो माह की अवधि में ही पूरा करना है। जबकि हालत यह है कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे कर दाता हैं जिन्होंने टैक्स जमा नहीं कराया है। साथ ही कई कर दाता तो ऐसे हैं जो पिछले काफी समय से टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। उनके खिलाफ नगर निगम अब सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। निगम की ओर से नगरीय कर की वसूली निजी फर्म के माध्यम से की जा रही है। फर्म द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार शहर में करीब 25 सौ प्रोपर्टी ऐसी हैं जो यूडी टैक्स के दायरे में आती हैं। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम ने यूडी टेक्स के बकाएदारों की सूची तैयार कर ली है। इन सभी को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। ऐसी कई सम्पत्तियों को चिन्हित भी किया गया है जिन पर लम्बे समय से मोटा यूडी टैक्स बकाया चल रहा है। निगम आने वाले दिनों में इनको भी सीज करने की कार्यवाही करेगी। सीजिंग की कार्यवाही करते ही जमा करवाया यूडी टेक्स
नगरीय विकास कर की वसूली को लेकर नगर निगम अब एक्शन में आ गया है। निगम की टीम ने यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर कैथून रोड स्थित एक वेयरहाउस को सीज कर दिया। सीज के बाद वेयरहाउस संचालक ने निगम में 2009 से बकाया चल रही 25 लाख से अधिक की राशि जमा करवा दी। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कैथून रोड पर कोटा क्लब के सामने स्थित शुभम लॉजिस्टिक्स पर साल 2009 से नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था। इस वेयरहाउस में व्यवसायिक गतिविधियां भी की जा रही थीं। छूट का लाभ लेकर जमा करवाएं यूडी टेक्स
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि 2700 वर्गफीट से अधिक के आवासीय भवन और प्लॉट तथा 900 वर्गफीट से अधिक वाणिज्यिक भवन और प्लॉट नगरीय विकास कर के दायरे में आते हैं। नगरीय विकास कर भूखण्ड स्वामी के स्वनिर्धारण पर आधारित है, इस कारण कोई भी व्यक्ति नोटिस नहीं मिलने की बात कहकर कर जमा करवाने एसे बच नहीं सकता। वर्तमान में राज्य सरकार के आदेशानुसार पेनल्टी पर 100 प्रतिशत की छूट एवं वर्ष 2007-08 से 2010-11 तक मूल कर राशि पर 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। आयुक्त ने अपील की कि जिन भी व्यक्तियों और संस्थाओं की सम्पत्ति यूडी. टैक्स के दायरे में आती है, वह अविलम्ब अपना यूडी टैक्स जमा करवाएं।


