भास्कर न्यूज | अमृतसर डीसी साक्षी साहनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसडीएम संग मीटिंग की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी ओट सेंटरों की जांच सुनिश्चित करें। गांवों में लोगों को नशे के घातक प्रभावों के बारे में जागरूक करें। नशे की लत में फंसे युवाओं को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होने के लिए प्रेरित करें। सिविल सर्जन और सभी चिकित्सा अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने को कहा। अपने स्तर पर टीमें बनाकर लगातार औचक जांच करें। किसी स्टोर पर प्रतिबंधित दवाएं बिकती मिलें तो तुरंत कार्रवाई कर डीसी दफ्तर को रिपोर्ट भेजें। डीसी ने कहा कि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में हर किसी को सहयोग करना होगा तभी सफलता मिलेगी। डीसी ने कहा कि जिले की 860 में से 715 पंचायतें भी नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं। पंचायतों से अपील की गई थी कि वे नशा तस्करों की सिफारिश की बजाय पुलिस प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करें। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, नशा तस्करों की शिकायत करने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। लपोके एसडीएम अमनदीप कौर घुम्मन ने ओट सेंटर राजासांसी की जांच की। उन्होंने स्टाफ को दवाइयों के स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर असिस्टेंट कमिश्नर गुरसिमरनजीत कौर, सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर, प्रभारी पुनर्वास केंद्र राजीव कुमार, डीडीपीओ संदीप मल्होत्रा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


