रांची। डोरंडा स्थित मनीटोला, फिरदौस नगर निवासी इश्तियाक रहमान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में 354वीं रैंक हासिल कर रांची का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से परिवार और शहर में खुशी का माहौल है। इश्तियाक वर्तमान में गृह मंत्रालय के अधीन हैदराबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि करीब साढ़े तीन वर्षों से वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। पहले दो प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। इश्तियाक ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सिविल सेवा की तैयारी दबाव में नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य और समर्पण के साथ करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और निरंतरता ही सफलता की असली कुंजी है। रांची| संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 272वीं रैंक हासिल कर रांची की बहू ईशा जैन ने अपने ससुराल और मायके दोनों परिवारों का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस सफलता से परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि उनके पति दक्ष जैन भी वर्ष 2023 में यूपीएससी परीक्षा में सफल हुए थे और वर्तमान में रामगढ़ में इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस में कार्यरत हैं। दिसंबर में हैदराबाद से विवाह के बाद रांची आईं ईशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और ससुराल के सहयोग को दिया है। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद ससुराल में उन्हें सास-ससुर के रूप में दूसरे माता-पिता का स्नेह मिला, जिसने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ईशा ने बताया कि यूपीएससी इंटरव्यू के लिए जब वह दिल्ली गई थीं, तब उनकी माता के साथ उनकी सास भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद थीं। इससे उन्हें मानसिक रूप से काफी मजबूती मिली। हैदराबाद से प्रारंभिक और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली ईशा के लिए सिविल सेवा में जाना हमेशा से पहला लक्ष्य रहा है। उन्होंने बताया कि पति के इस क्षेत्र में होने के कारण उन्हें तैयारी के दौरान सही मार्गदर्शन और दिशा मिली। इधर, ईशा के ससुर अनूप जैन ने बहू की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उनके लिए बेटा और बहू में कोई अंतर नहीं है। कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा तय करती है। ईशा की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल है।


