रातू में किराए पर घर लेकर रहते थे अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य कांके पुलिस ने बुधवार को रिंग रोड पर खड़े वाहनों से तेल चुरानेवाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा िकया। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जेल भेजे गए आरोपियों में फरमान, मनोज कुमार, मो. आमिर उर्फ मोनू, वसीम, अभिशेक, मो. आमिर व शहजाद खान शामिल हैं। सभी उत्तर प्रदेश के रहनेवाले हैं। इनके पास से एक ट्रक (यूपी 81डीटी 4765), स्कूटी (जेएच 01एए 5678) आैर बाइक (जेएच 01एवी 0917) के अलावा तेल चोरी करने में इस्तेमाल किए जाने वाले कई अपकरण बरामद हुए हैं। एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि यह गिरोह झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल आैर ओडिशा में पिछले कुछ महीने से सक्रिय था। कुछ दिनों के लिए सरगना के इशारे पर यह गिरोह रांची आया हुआ था। िगरोह के सदस्य रातू इलाके में किराए पर रहकर गाड़ी से तेल चुराते थे। ये लोग तेल चुराने के लिए कांके रिंग रोड से जमशेदपुर तक चले जाते थे। रिंग रोड के किनारे खड़ीं गाड़ियों को ही निशाना बनाते थे। एसएसपी ने यह भी कहा कि सभी आरोपियों को रातू इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति का संरक्षण िमला हुआ था, जो फिलहाल पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसी व्यक्ति ने इन सभी को मनातू में किराए पर घर दिलवाया था। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। चोरी के तेल का रजिस्टर में रखता था हिसाब चोरी के तेल का हिसाब रखने के लिए गिरोह के सदस्य अपने पास एक रजिस्टर रखते थे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। रजिस्टर में लिखा हुआ है कि कब कितने लीटर तेल की चोरी की गई है। इसके आलावा चोरी के तेल से मिले पैसे का भी पूरा व्योरा तैयार रखा था। जब्त रजिस्टर के अनुसार एक रात में कम से कम 600 लीटर आैर अधिक से अधिक 1700 लीटर तक का तेल चोरी किया गया है। चोरी किए गए तेल को बेचने के बाद मिले पैसे में से कमीशन के तौर पर सदस्य को पेमेंट किया जाता था। पुलिस अब इस बात की भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के तेल को कहां आैर कितने में बेचा जाता था। तेल चुराने के दौरान स्पेशल ब्रांच के दारोगा को मारी थी गोली 2 अगस्त 2024 को कांके रिंग रोड पर स्पेशल ब्रांच के दारोगा अनुपम कच्छप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अनुपम अपने दोस्तों के साथ बर्थडे पार्टी करने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेल चोरी करते देखकर उन्होंने चोरों को टोक-टाक किया, तो वे उनसे उलझ गए। उन्होंने अपना परिचय दिया, तो पकड़े जाने की डर से आरोपियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। हत्याकांड के तीन महीने बाद पुलिस ने खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


