किसी भी योजना को बनाने से पहले निगम के अफसर कितने गंभीर होते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां पहले से पता था कि विरोध होगा वहीं तीन करोड़ से ज्यादा चौपाटी बनाने में फूंक दिए। करीब तीन साल पहले बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण के दौरान भीतर नई चौपाटी बनाने का फैसला किया गया।
इसके लिए सर्वे किया गया तो पता चला कि जहां चौपाटी खोली जा रही है, वहां दानी गर्ल्स स्कूल और युवतियों का डागा कॉलेज है। यानी छात्राओं का लगातार आना-जाना रहेगा। इसके बावजूद 2 करोड़ से ज्यादा वहां खर्च कर कंटेनरनुमा बड़े-बड़े स्टॉल बनवाकर रखवा दिए। विरोध हुआ तो निगम को इस योजना को बंद करना पड़ा।
यही हाल तालाब के सामने की चौपाटी का है। चौपाटी जहां बनाई जा रही है, उसके ठीक पीछे कचरा डंप करने की जगह और सार्वजनिक शौचालय है। अब ये चौपाटी भी विवादों में आ गई है। चौपाटी बनाने में एक करोड़ से ज्यादा खर्च किए गए। लोग विरोध में उतरे तो इसे भी अधूरा छोड़ दिया गया है। शहर में कई जगह वेंडिंग जोन बनाने सर्वे किया, सब फेल शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए निगम के अफसरों ने अलग-अलग जगहों पर वेंडिंग जोन बनाने का प्लान बनाया। इसके लिए सर्वे भी कराया। निगम अफसरों ने पाम बलाजियो के पास, पुजारी पार्क, आमापारा कारी तालाब, संतोषी नगर और पंडरी महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट के पीछे की खाली जगह पर वेंडिंग जोन का प्लान किया था। इन सभी जगहों पर भी लोगों ने जबरदस्त विरोध कर दिया। विरोध इतना तगड़ा था कि निगम अफसर इसके आगे कुछ भी नहीं कर सके।
सर्वे के खिलाफ गए अफसर जानिए प्रोजेक्ट्स का हाल सीधी बात - अबिनाश मिश्रा, कमिश्नर निगम, एमडी स्मार्ट लि. विरोध होने पर शुरू नहीं किया दोनों चौपाटियों का विरोध, फिर भी बना दी?
– जगह खाली थी इसलिए बनाई, विरोध है, दूसरा उपयोग कर रहे हैं।
दोनों चौपाटियों पर तीन करोड़ बर्बाद हुए?
– ऐसा नहीं है। दोनों जगहों का उपयोग करेंगे। फूल बाजार शिफ्ट करेंगे।
आधा दर्जन वेडिंग जोन प्लान किया, सब फेल?
-प्लान पर काम हो रहा है। अब सभी की सहमति से जरूरत जहां-जहां होगी केवल वहीं बनाएंगे।


