रायपुर और बिलासपुर में जोन के रेल यात्री परेशानी का सामना कर रहे हैं। वजह है- यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को रास्ता दिया जा रहा है। यह स्थिति 10 महीने से बनी हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि बीते वित्त वर्ष में बिलासपुर जोन में 2790 यात्री ट्रेन रद्द कर दी गईं। रेलवे की पंक्चुअलिटी (वक्त की पाबंद) रिपोर्ट के मुताबिक देश में माल ढुलाई से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन (SECR) सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाला है। लेकिन यात्री सुविधाओं के मामले में 17 रेलवे जोन में एसईसीआर सबसे पीछे है। रेलवे का पूरा ध्यान कमाई पर है। यही वजह है कि वित्त वर्ष 2024-25 में जोन में माल ढुलाई से 22,807 करोड़ की कमाई हुई। ये पिछले वित्त वर्ष से 6% ज्यादा है। इस दौरान 1455 मेल-एक्सप्रेस और 1335 पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहीं। यानी यात्री ट्रेनों को इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए रद्द किया गया। वहीं मालगाड़ियां धड़ाधड़ दौड़ी़। अब भी यात्री ट्रेनों को रद्द करने की स्थिति है। मौजूदा वित्त वर्ष में माल लदान में 23,700 करोड़ रुपए कमाई का लक्ष्य लेकर मालगाड़ियां चलाई जा रही हैं। हाल ही में जोनल रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में सांसदों ने ट्रेनें रद्द होने पर नाराजगी जताई थी। केवल कमाई पर ध्यान, ट्रेन यात्रियों के हिस्से में इंतजार… बिलासपुर में पटना-चर्लापल्ली एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से पहुंची। यात्री स्टेशन पर इंतजार करते रहे।


