कानून व्यवस्था व क्राइम कंट्रोल को लेकर डीजीपी राजीव शर्मा ने मंगलवार को आरपीए में जयपुर रेंज की रिव्यू मीटिंग ली। सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद डीजीपी बोले कि थानाप्रभारी व्यक्तिगत रूप से पीड़ित की बात सुने। थानों में जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप ही काम कर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करें। डीजीपी ने अवैध बांग्लादेशी-रोहिंग्या का वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए। रंगदारी, लूट व चोरी जैसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी के बाद समय-सीमा में चार्जशीट दाखिल करें। अन्यथा जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच में मजबूत साक्ष्य पेश करें, ताकि अपराधी बच ना सके। बैठक में एडीजी एस सेंगाथिर, आईजी राघवेन्द्र सुहासा, डीआईजी शांतनु सिंह, जयपुर ग्रामीण एसपी राशि डोगरा डूडी, कोटपुतली-बहरोड़ एसपी देवेन्द्र बिश्नोई, अलवर एसपी सुधीर चौधरी, दौसा एसपी सागर राणा, भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण, सीकर एसपी प्रवीण नायक नुनावत, खैरथल एसपी मनीष कुमार व झुंझुनूं एसपी ब्रजेश ज्योति उपाध्याय के साथ जिलों के एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी व एसएचओ मौजूद रहे। महिला सुरक्षा पर जोर {ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना क्षेत्र में ड्रग्स फैक्ट्री मिली तो एसएचओ और सुपरवाइजर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। { महिला सुरक्षा के लिए कालिका यूनिट को सक्रिय करने और यातायात में सुधार के लिए स्वयं सेवकों की मदद लेने की योजना बताई। झूठे केस करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश। { डीजीपी ने ग्रामीण पुलिस लाइन में संपर्क सभा भी की। इसमें जवान और उनके माता-पिता भी शामिल हुए।


