फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित इस्कॉन के श्री गोकुल गौशाला में होली महामहोत्सव पर ‘रंगोत्सव’ में भक्तों ने गुलाल और फूलों से होली खेली। समारोह का शुभारंभ श्यामानंद प्रभु ने किया। मंदिर प्रांगण को पुष्पों, आकर्षक सजावट एवं रंगों से सजाया गया। भगवान के दिव्य एवं मनमोहक दर्शन ने मौजूद भक्तों का हृदय मोह लिया। भगवान को सुगंधित पुष्पों से बनाई सुंदर पोशाक धारण करवाई गई। जिससे सारा वातावरण वृंदावन की होली की झलक प्रस्तुत कर रहा था। इस मौके पर इस्कॉन के अध्यक्ष इंद्रानुज प्रभु जी ने होली के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि होली का वास्तविक संदेश अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता का दहन कर प्रेम, भक्ति और समर्पण को जीवन में अपनाना है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की वृंदावन लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते भक्तों को भक्ति-मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा दी। इसी दौरान हरिनाम संकीर्तन, नृत्य और भजनों की मधुर ध्वनि से सारा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हजारों भक्तों ने भगवान के चरणों में गुलाल अर्पित करके होली खेली। भक्तों ने एक-दूसरे के साथ रंग होली खेली। जिससे आपसी सौहार्द और भाईचारे का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वहीं बच्चों, युवाओं और महिला भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ समारोह में भाग लिया। अंत में सभी को प्रसाद बांटा गया।


