बाघिन टी-84 एरोहेड में उसके शावकों का पिछले तीन दिन से रणथम्भौर दुर्ग में मूवमेंट बना हुआ है। जिसकी चलते यहां दहशत का माहौल है। इसी कड़ी में अब वन विभाग की ओर से आज पूरे दिन रविवार को रणथंबोर दुर्ग में त्रिनेत्र गणेश के दर्शन करने वाले आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश बंद किया गया है। रविवार को दस हजार से ज्यादा श्रद्धालु करते हैं दर्शन त्रिनेत्र गणेश मंदिर के मुख्य महंत बृजकिशोर दाधीच व संजय दाधीच और वन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निर्णय कर आज रविवार को त्रिनेत्र गणेश मंदिर व गणेश मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए बंद किया है। त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट के प्रधान सेवक हिमांशु गौतम ने बताया कि वैसे तो रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश के दर्शन करने हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है, लेकिन आज रविवार होने के कारण त्रिनेत्र गणेश मंदिर के दर्शनों के लिए दस हजार से ज्यादा देश भर से श्रद्धालुओ के आने की संभावना है। ऐसे सभी की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रविवार को बंद रहेगा रणथम्भौर दुर्ग में प्रवेश वन विभाग के अनुसार पिछले तीन दिन से लगातार बाघिन में उसके शावक रणथम्भौर दुर्ग में आ रहे हैं। बाघिन व उसके शावकों का पद्मला तालाब, लक्ष्मी नारायण मंदिर, 32 खभों की छतरी के आसपास मूवमेंट बना हुआ है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा था। जिसकी वजह से वन विभाग की ओर से रविवार को श्रद्धालुओं का दुर्ग में प्रवेश रोका गया है। बाघिन ऐरोहेड व उसके शावक शुक्रवार शाम करीब 5:00 बजे रणथम्भौर दुर्ग में जा पहुंचे। यहां पर बाघिन व उसके शावकों का मूवमेंट पद्मला तालाब के आसपास बना रहा। इस दौरान बाघिन व उसके शावक चलकदमी करते हुए लक्ष्मीनारायण मंदिर तक जा पहुंचे। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघिन में शावकों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी। वहीं यहां मौजूद लोगों को सुरक्षित दुर्ग से बाहर निकाला। जिसके बाद शनिवार सुबह फिर से बाघिन और शावक दुर्ग आ पहुंचे। इस दौरान दुर्ग का एक रास्ता एतिहात के तौर बंद कर दिया और एक रास्ता चालू रखा, लेकिन दुर्ग में ज्यादा पर्यटक और श्रद्धालु आ गए। ऐसे में वन विभाग की ओर से सभी श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। रविवार के लिए वन विभाग और त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट ने दुर्ग में प्रवेश बंद किया है। बाघिन कृष्णा की बेटी है ऐरोहेड बाघिन एरोहेड (टी-84) की बाघिन कृष्णा (टी-19) की बेटी है। बाघिन एरोहेड की नानी बाघिन मछली (टी-16) हैं, जिन्हें रणथंभौर की मां कहा जाता है। बाघिन एरोहेड को जूनियर मछली भी कहा जाता है। फिलहाल बाघिन की उम्र दस साल है और वह चार बार मां बन चुकी है। बाघिन ने आखरी बार जुलाई 2023 में बाघिन ऐरोहेड ने चौथी बार तीन शावकों को जन्म दिया था। फिलहाल बाघिन शावकों को वाइल्डलाइफ ट्रेनिंग दे रही है।


