कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा 4 दिवसीय निजी प्रवास के बाद गुरुवार को रणथम्भौर से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
वह 29 सितम्बर को अपने बेटे रिहान और बेटी मिराया के साथ रणथम्भौर पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि से दूरी बनाए रखी और पूरा समय अपने परिवार संग बिताया। नहीं की टाइगर सफारी
सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी का यह दौरा पूर्णत: निजी रहा। उन्होंने किसी भी कांग्रेसी नेता या कार्यकर्ता से मुलाकात नहीं की। यहां तक कि वे रणथंभौर नेशनल पार्क में सफारी भ्रमण करने भी नहीं गईं, जबकि अधिकांश पर्यटक रणथंभौर आने पर बाघों और अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए पार्क का रुख करते हैं। इस बार उन्होंने होटल में ही समय बिताना उचित समझा। प्रियंका को खासा पसंद है रणथंभौर
रणथंभौर नेशनल पार्क देश-विदेश के पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां कई बार पूरा गांधी परिवार टाइगर सफारी के लिए आता रहा हैं। प्रियंका गांधी भी समय-समय पर परिवार के साथ यहां छुट्टियां बिताने पहुंचती रही हैं। इस बार हालांकि उनका यह प्रवास केवल विश्राम तक सीमित रहा। प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव होने के साथ ही वायनाड से सांसद हैं। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच उन्होंने इस निजी प्रवास में परिवार को समय देने का निर्णय लिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रणथंभौर में उनका यह शांतिपूर्ण प्रवास उनके व्यक्तिगत जीवन को संतुलन देने के प्रयास का हिस्सा है।
गुरुवार सुबह प्रियंका गांधी अपने परिवार संग रणथंभौर से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। स्थानीय प्रशासन ने उनके प्रवास के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।


