रणथंभौर से टाइगर RBT-2408 को मुकुंदरा किया शिफ्ट:रणथंभौर की खंडार रेंज के लाभपुर वन क्षेत्र में किया ट्रेंकुलाइज

रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर एक टाइगर को शिफ्ट कर दिया गया। शुक्रवार सुबह वन विभाग की ओर से टाइगर शिफ्टिंग की कार्रवाई की गई। रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार रणथंभौर से टाइगर टी-2408 को शिफ्ट किया गया। वन विभाग की टीम पिछले दिन से टाइगर की ट्रेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आज सुबह रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की खंडार रेंज के लाहपुर वन क्षेत्र में टाइगर को ट्रेंकुलाइज किया गया। जिसके बाद मेडिकल बोर्ड की ओर से टाइगर का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। टाइगर के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वन विभाग का लवाजमा वनाधिकारियों के साथ टाइगर को लेकर कोटा के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना हुआ। रणथंभौर से टाइगर शिफ्टिंग के Photos रणथंभौर से अब तक 24 टाइगर हुए शिफ्ट वन विभाग ने यहां पिछले कुछ सालों में 24 बाघ बाघिनों की शिफ्टिंग की गई है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व से प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व सरिस्का, मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी, करौली-धौलपुर अभयारण्य व सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क को आबाद करने के लिए बाघ भेजे गए है। रणथंभौर से बाघों को इन रिजर्व में ट्रांसफर करने से बाघों की संख्या और आबादी को बढ़ाने में मदद मिली है। रणथंभौर से अन्य टाइगर रिजर्व में अब तक 24 बाघ भेजे गए हैं, जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है। सरिस्का में 11 टाइगर भेजे, 5 की मौत रणथम्भौर से अन्य टाइगर रिजर्व में टाइगर शिफ्टिंग पहली बार साल 2008 में हुई थी। यहां से बाघ विहीन हो चुके सरिस्का टाइगर रिजर्व में पहला बाघ भेजा गया था। जिसके बाद साल 2009 में एक साथ 5 बाघों को रणथम्भौर से सरिस्का भेजा गया। साल 2010 में एक साथ 2 बाघ रणथम्भौर से एक बार फिर सरिस्का भेजे गए। रणथम्भौर से सरिस्का कुल 11 बाघ शिफ्ट किए गए हैं। इन बाघों में टी-1, टी-7, टी-10, टी-12, टी-18, टी-44, टी-51, टी-52, टी-75 और टी-113 व एक अन्य शामिल हैं। इनमें से 5 की मौत हो चुकी है। मुकुंदरा में पहला टाइगर टी-91 भेजा मुकुंदरा में अप्रैल 2018 में रणथम्भौर से पहला बाघ टी-91 शिफ्ट किया गया। उसके बाद 18 दिसम्बर 2018 को बाघिन टी-106 को शिफ्ट किया गया। जिसके बाद टी-98 व बाघिन टी-2301 को मुकंदरा भेजा गया। जिसके बाद अब टी- 2408 मुकुंदरा भेजा गया है। रणथम्भौर से अब तक 6 बाघ भेजे जा चुके है। हालांकि बाद में मुकुंदरा के ज्यादातर बाघ या तो मर गए या गायब हो गए। रणथंभौर नेशनल पार्क से उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 2 बाघ शिफ्ट किये गए। दोनों ही बाघों की मौत हो गई। रणथंभौर के बाघ टी-104 उदयपुर बायोलॉजिकल पार्क शिफ्ट किए जाने के 24 घंटे के अंदर उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह रणथंभौर से टी-24 उस्ताद को भी सज्जनगढ में बीमारी के चलते मर गया। पांच टाइगर गए रामगढ़ विषधारी रणथंभौर से बाघिन T-102, बाघिन T-119, बाघिन RBT-2508 को रामगढ़ विषधारी भेजा गया। इसी तरह करौली धौलपुर टाइगर में टाइगर RBT-2509 को भेजा गया। जबकि टी-139 खुद चलकर बूंदी पहुंच गया था।

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