कोटा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवनारायण जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा शिक्षानगरी में बड़े स्तर पर 6 फरवरी को देवनारायण जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस बार शोभायात्रा में रथ पर सवार भगवान देवनारायण की शोभायात्रा ठाठ बाट से निकलेगी। जिसमें भगवान देवनारायण नये रथ पर बैठकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और उनके रथ को रस्सियों से खींचा जाएगा। इस रथ को रस्सियों से खींचेंगे श्रद्धालु। भगवान देवनारायण शोभायात्रा किशोरपुरा पदमनाथ मंदिर से खड़े गणेश जी स्थित भगवान देवनारायण मंदिर तक जाएगी। 101 से अधिक स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। सात ऊंट गाड़ी पर अलग-अलग तरह की आकर्षक झांकियां, अखाड़ों का प्रदर्शन रहेगा। आयोजन समिति के संरक्षक रामलाल गुंजल ने बताया कि इस बार नये तरह से शोभायात्रा को भव्य रूप दिया जा रहा है, जिससे समाजबंधुओं में भारी उत्साह का माहौल है। शोभायात्रा समिति द्वारा 6 फरवरी को सुबह साढ़े 9 बजे किशोरपुरा स्थित पदमनाथ मंदिर से पूर्जा-अर्चना के बाद किशोरपुरा से रवाना होगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष जोधराज गुर्जर एवं संयोजक देवराज गुर्जर ने बताया कि शोभायात्रा किशोरपुरा से रवाना होकर दशहरा मैदान, सीएडी चौराहा, जवाहर नगर पेट्रोल पंप के सामने, केशवपुरा चौराहा महावीर नगर, रंगबाड़ी सर्किल, रामचरण सर्किल होते हुए गणेश नगर स्थित देवनारायण भगवान मंदिर पर पहुंचेगी। आयोजक मंडल सदस्य ने बताया कि शोभायात्रा पहुंचने के बाद समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि कोटा उत्तर के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, अध्यक्षता खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर करेंगे। कार्यक्रम में पिछले डेढ़ माह से इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे आयोजन समिति के पदाधिकारियों और समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा। आयोजन समिति के सदस्य शिवराज गुंजल ने बताया कि शोभायात्रा से पूर्व बोली लगाई जाएगी। जिसमें सफल बोलीदाता को भगवान के रथ के साथ बैठकर भगवान की पूजा-अर्चना करने और चंवर ढुलाने का सौभाग्य प्राप्त होगा। शोभायात्रा के प्रारंभ में महिला संगठनों द्वारा भगवान पदमनाथ जी को चांदी का मुकुट धारण कराया जाएगा। इसके अलावा दोपहर 3 बजे रंगबाड़ी तेजाजी मंदिर रंगबाड़ी से भव्य कलशयात्रा निकाली जाएगी। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। यह रहेंगी झांकियां शिवराज गुंजल ने बताया कि शोभायात्रा में भगवान देवनारायण की जीवंत झांकी, साडूमाता, राम दरबार, शिव परिवार, माताजी, बाग जी बगड़ावत की झांकी रहेगी। इसके अलावा दो अलग-अलग ट्रोलों पर गुर्जरों के परंपरागत गीत घोठा गायन एवं दूसरे में देवनारायण भगवान के भजन गूंजेंगे। जिसमें प्रसिद्ध गायक कलाकार मदन फामड़ा, देवा दसलाना, हनुमान गुर्जर भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। वहीं पांच बग्गियां पर भगवान पदमनाथ जी सहित अन्य झांकियां शामिल होंगी। इसके अलावा 25 घोडि़यों द्वारा घोड़ी नृत्य भी आकर्षण का केन्द्र रहेगा। इनके अलावा शहर के विभिन्न अखाड़ों द्वारा हैरतंगेज प्रदर्शन किये जाएंगे। गुर्जर गैर नृत्य भी आकर्षण का केन्द्र रहेगा।


