रमजान अल्लाह से मोहब्बत का महीना, हर मुसलमान को अपने गुनाहों से तौबा करना सिखाता

भास्कर न्यूज | लुधियाना पवित्र रमजान शरीफ के आखिरी जुम्मे पर लुधियाना की मस्जिदों में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। शहर की विभिन्न मस्जिदों में 5 लाख से अधिक मुसलमानों ने अलविदा जुम्मे की नमाज अदा की। सबसे अधिक भीड़ फील्डगंज चौक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में उमड़ी, जहां हजारों नमाजी पहुंचे। इस दौरान शाहपुर रोड और अन्य प्रमुख इलाकों में विशेष सुरक्षा और यातायात प्रबंध किए गए ताकि नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस मौके पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी ने रमजान की अहमियत बताते हुए कहा कि यह महीना अल्लाह ताआला से इश्क और मोहब्बत का है, जिसमें हर मुसलमान अपने गुनाहों से तौबा करता है और अल्लाह के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि रमजान शरीफ सिर्फ रोजे और इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि गरीबों और जरूरतमंदों की मदद का भी अवसर है। उन्होंने सभी से अपील की कि इस पाक महीने में दान-दक्षिणा और परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। शाही इमाम ने कहा कि खुदा ने हमें देने वालों में रखा है, लेने वालों में नहीं। उन्होंने लोगों से आपसी रंजिशों को खत्म कर मोहब्बत बढ़ाने की अपील की और कहा कि यह समय अपने दिलों को सच्ची मिन्नतों से साफ करने का है। शहर की अन्य बड़ी मस्जिदों में भी नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई, जहां लोगों ने खुदा से रहमत, बरकत और मगफिरत की दुआ मांगी। रमजान के इस अंतिम जुम्मे पर हर ओर इबादत और भक्ति का माहौल रहा। इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। नमाज के दौरान यातायात को सुचारू रूप से चलाने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। मौलाना रहमानी ने मुसलमानों से अपील की कि वे रमजान के अंतिम दिनों का अधिकतम लाभ उठाएं और आगे भी अपने नफसों को सुधारने के लिए इबादत जारी रखें। उन्होंने कहा कि यह पाक महीना अल्लाह की दी गई नेमतों का शुक्र अदा करने और खुदा से करीब होने का सबसे बेहतरीन अवसर है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *