पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने रमदास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रावी दरिया के उफान पर आने और गुरदासपुर-अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों में तबाही मचाने के पीछे सरकारों की लापरवाही जिम्मेदार है। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि इरीगेशन विभाग ने समय पर धुस्सी बांध और नहरों की मरम्मत नहीं की और न ही नदी किनारे हो रहे अवैध कब्जों को रोका। डॉ. सिद्धू ने आरोप लगाया कि नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार के कारण स्थिति और खराब हुई। इरीगेशन विभाग की जिम्मेदारी थी कि वह धुस्सी बांध और नहरों की मरम्मत करता और दरिया किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण को रोकता, लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया। डॉ. सिद्धू ने कहा कि विधायक और सरकारें दबाव बनाकर विभाग को काम करने नहीं देतीं और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। डॉ. सिद्धू ने कहा कि इस बार पंजाब सरकार ने केंद्र के साथ विवाद खड़ा कर बीबीएमबी के जरिए हरियाणा को पानी नहीं दिया, जबकि उन्हें पहले से पता था कि मानसून में दरियाओं का जलस्तर बढ़ सकता है। इस कारण दरिया उफान पर आया और हजारों परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने साफ कहा कि इस त्रासदी के लिए पंजाब और केंद्र, दोनों सरकारें बराबर की जिम्मेदार हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने जिला सेहत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। विभाग ने दावा किया है कि 22 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, लेकिन डॉ. सिद्धू ने कहा कि उन्हें जमीनी स्तर पर कहीं कोई कैंप नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गैर-सरकारी संस्थाओं और निजी अस्पतालों ने गांव-गांव जाकर असली राहत और इलाज की जिम्मेदारी निभाई है। डॉ. सिद्धू ने बताया कि बाढ़ की वजह से धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं, गेहूं की बोआई को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। हजारों किसानों के मवेशी मारे गए हैं, जिससे उनका नुकसान और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की मदद के लिए वह व्यक्तिगत तौर पर आगे आई हैं। पीड़ित किसानों की परेशानी कम करने के लिए डॉ. सिद्धू ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वह लगभग 10 हजार के करीब गीत और साहींवाल नस्ल की गाएं और भैंसें बाढ़ प्रभावित गांवों में लेकर आएंगी। इन दुधारू पशुओं को उन किसानों को दिया जाएगा, जिनके मवेशी बाढ़ में मर गए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को दोबारा खड़े होने में मदद मिलेगी। डॉ. सिद्धू ने इस मौके पर कई गांवों में जाकर राशन, कपड़े और दवाइयां बांटीं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारें ठोस कदम नहीं उठातीं, तब तक समाज के सक्षम लोगों और संस्थाओं को ही आगे आकर पीड़ितों की मदद करनी होगी।


