आगर मालवा। ग्राम रलायती में पुराने स्टॉप डेम को नष्ट करने और उसके गेट खोलकर पानी बहाने की आशंका को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने गुरुवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग द्वारा स्टॉप डेम का पानी खोलने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे 100 से अधिक किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम रलायती में आउ नदी पर यह स्टॉप डेम वर्ष 1984-85 में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया गया था। निर्माण के बाद इसे ग्राम पंचायत रलायती को सौंप दिया गया था, और तब से इसका रखरखाव पंचायत द्वारा ही किया जा रहा है। वर्ष 2017 के आसपास स्टॉप डेम से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभाग से की, लेकिन विभाग ने पंचायत को हस्तांतरण का हवाला देकर मरम्मत से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और रिलायंस फाउंडेशन की मदद से डेम की मरम्मत करवाई थी। ज्ञापन में बताया गया है कि यह स्टॉप डेम गांव के 100 से अधिक किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, उनकी खेती पूरी तरह इस डेम पर निर्भर है। यदि इसे नुकसान पहुंचाया गया या पानी छोड़ दिया गया, तो रबी फसलों की सिंचाई प्रभावित होगी और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस स्टॉप डेम के नीचे शासन द्वारा एक बड़ा बैराज बनाया गया है, जिससे आसपास के कई गांवों में सिंचाई होती है। वर्तमान में उस बैराज में पानी कम होने के कारण अन्य गांवों के कुछ किसानों ने शिकायत की है। आरोप है कि इसी वजह से रलायती के पुराने स्टॉप डेम का पानी खोलने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में जल संसाधन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे। उन्होंने स्टॉप डेम का औचित्य नहीं होने की बात कहते हुए गेट खोलने की चेतावनी दी है। किसानों ने स्टॉप डेम को यथास्थिति बंद रखने और गेट न खोलने की मांग की है, ताकि वर्तमान में गेहूं सहित अन्य फसलों की आवश्यक सिंचाई हो सके।


