तस्वीर नवा रायपुर के राज्योत्सव स्थल के सामने चल रही रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की है। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों ने कड़ाके की सर्दी के बीच 29 दिसंबर 2025 से हड़ताल की शुरुआत की। तब से यह जारी है। हड़तालियों में 95 फीसदी महिलाएं हैं, जो यहीं पर खाना बनाती हैं और यहीं सोती हैं। रसोइयों का कहना है कि उन्हें केवल 66 रुपए प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जिसे 400 रुपए से अधिक किया जाए। धरना देने वालों में 95% महिलाएं, मानदेय 66 रोज से बढ़ाकर 400 करने की मांग


