हरदा। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ की रहटगांव इकाई ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, यह धरना जारी रहेगा। भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष और रहटगांव तहसील प्रभारी लोकेश गौर ने बताया कि तहसील क्षेत्र में कई सीमांकन लंबित हैं। इसके अलावा, सरकारी जमीनों और गोहों पर भूमाफियाओं का कब्जा है, जिससे सरकारी संस्थाओं के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। संघ ने इन अतिक्रमणों को हटाने और लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मोरंड गंजाल संयुक्त परियोजना को शीघ्र शुरू करने की मांग भी की गई है। साथ ही, रहटगांव तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और यहां स्थायी रूप से रोवर मशीन उपलब्ध कराने की भी मांग है। संघ की मांगों में सोयाबीन पर भावांतर राशि देना (जो ₹3500 से नीचे बिक रहा है) और मक्का सहित अन्य कृषि उपज की एमएसपी पर सरकारी खरीद सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की है कि मंडियों में एमएसपी से नीचे बोली न लगाई जाए। वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2700 तय करने की मांग की गई है। मूंग फसल के लिए नहरों में पानी 25 मार्च से छोड़ने और समर्थन मूल्य पर खरीद 25 जून से शुरू करने की भी मांग की गई है। नर्मदापुरम जिले की तर्ज पर हरदा जिले की सभी तहसीलों में धान की खरीदी 18 क्विंटल के मानक स्तर पर करने की मांग की गई है। किसानों के लिए हरदा जिले की सभी तहसीलों को खेत सड़क योजना से जोड़ने की भी मांग की गई है।


