प्रख्यात कवि कुंअर बेचैन के लिखे शब्दों की खुशबू रांची क्लब के विंटर रोज शो में फैली दिखी। रंग-बिरंगे गुलाबों से अटा पड़ा सभागार की खूबसूरती ऐसी लग रही थी कि जैसे हम मधुवन में आ गए हों। 1970 में रांची में स्व. एबी डेविस ने रोज सोसाइटी बनाई थी। अब उनकी बहू हेजल डेविस हर साल 2 बार विंटर व िस्प्रंग में रोज शो का आयोजन करती हैं। आज रविवार को रोज लवर यहां घूम पाएंगे। रोज शो की ऑर्गेनाइजर हेजल ने बताया कि इस बार ज्यादा और देर तक बारिश होने से गुलाब कम आए हैं। असल में नवंबर तक बारिश हुई, जिसके कारण गुलाब की प्रूनिंग (कटाई-छटाई) में देर हो गई। यदि बारिश के दौरान गुलाब काटे, तो उसमें फंगस होने का खतरा होता है। इसीलिए जहां पिछले साल विंटर रोज शो में 2000 गुलाब आए थो, वहीं इस बार 300 ही पहुंचे। कभी एचईसी का गुलाब देशभर में नंबर-1 बना था शहर में सबसे ज्यादा गुलाब लोकभवन, बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सिदो-कान्हू पार्क, नक्षत्र वन, मेकॉन के अलावा निजी घरों में गोपाल साहू और हेजल डेविस के यहां होता है। कभी एचईसी के गुलाब देशभर में सबसे उत्कृष्ट होते थे। 2017 में मुंबई में हुए ऑल इंडिया रोज शो में किंग ऑफ द शो बना था, लेकिन अब वहां गुलाब काफी कम हो गए हैं। साइज, कलर, पत्ते, तने व सबस्टेंस पर मिलते हैं अंक रोज सोसाइटी के चेयरमैन गणेश मुंजाल ने बताया कि कई कसौटियों पर तौल कर ही किंग, क्वीन सहित अन्य कैटेगरी के विजेता चुनते हैं। गुलाब के ब्लूम, वेराइटी, शेप, सेक्शन देखकर अंक देते हैं। गुलाब की साइज पर 20 अंक, कलर पर 20 अंक, फॉर्म पर 20 अंक, सबस्टेंस पर 20 अंक, पत्तों पर 10 अंक और तना पर 10 अंक दिए जाते हैं। गुलाब को चाहिए NPK रोज एक्सपर्ट नीरज कुमार ने बताया कि गुलाब को 3 चीजें चाहिए N (नाइट्रोजन), P (फॉस्फेट) और K (पोटाश)। इसके अलावा बोनमील, डीएपी और गोबर खाद डालना चाहिए। लेकिन, रांची का क्लाइमेट गुलाब के लिए इतना अच्छा है कि सिर्फ पानी और गोबर से ही 6 इंच तक के खूबसूरत फूल प्राप्त हो जाते हैं। जबकि, मैं देशभर जाता हूं तो देखता हूं कि वहां तरह-तरह के खाद डालकर ही अच्छे गुलाब प्राप्त करते हैं। रांची के गुलाब देश में सबसे बड़े 6 इंच तक के होते हैं। ‘भले हीं हममे, तुममे कुछ ये रूप रंग का भेद हो है खुशबुओं में फर्क क्या, गुलाब हम, गुलाब तुम…’


