रांची में आज खुलेंगे 2 पंडालों के पट, मां देंगी दर्शन

आज नवरात्र का चौथा दिन है। पूरा झारखंड मां दुर्गा की आराधना में लीन है। भव्य पंडाल बनकर तैयार हैं। गुरुवार से पंडालों के पट खुलने लगेंगे। राजधानी रांची में गुरुवार को दो बड़े पूजा पंडालों के पट खुलेंगे। मां दर्शन देंगी। रामलला पूजा समिति द्वारा जिला स्कूल मैदान में सवा करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए पंडाल का उद्घाटन गुरुवार को पांच पंडित करेंगे। गुजरात के भुज स्थित स्वामी नारायण मंदिर की तर्ज पर बनाया गया यह पंडाल सफेद संगमरमर जैसा दिखता हे। रात में दुधिया रोशनी और लेजर लाइट इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। मुख्य द्वार पर भगवान विष्णु की 24 फीट ऊंची प्रतिमा और अंदर 14 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा विशेष आकर्षण हैं। इस पंडाल में मेले भी लगेंगे। रामलला पूजा समिति स्थान: जिला स्कूल, शहीद चौक, रांची कुल खर्च… 1.25करोड़ रुपए पंडाल का आकार… देश का नंबर 1 अखबार राजधानी के कौन से पंडाल कब खुलेंगे रांची, झारखंड, गुरुवार 25 सितंबर, 2025 बूटी मोड़ में आज से दिखेगा ऑपरेशन सिंदूर का लेजर शो… शिवाजी चौक बूटी मोड़ में महाशक्ति दुर्गा पूजा समिति के सौजन्य से ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित पूजा पंडाल बनाया गया है। इस पंडाल का उद्घाटन गुरुवार शाम राज्यपाल संतोष गंगवार और राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ करेंगे। पंडाल में सबसे खास आकर्षण ऑपरेशन सिंदूर पर 5 मिनट का लेजर शो होगा। इस शो में पहलगाम की घटना दिखाई जाएगी। पूजा आयोजन में 70 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। 120फीट लंबाई दुर्गोत्सव… मां दुर्गा की भक्ति में डूबा झारखंड 130फीट चौड़ाई खासियत… 80फीट ऊंचाई सफेद संगमरमर जैसा दिखेगा पंडाल रात में लेजर लाइट से बदलेगा रंग 27 सितंबर श्री दुर्गा पूजा व रावण दहन समिति, अरगोड़ा 28 सितंबर सत्य अमरलोक, हरमू रोड {संग्राम क्लब, कचहरी चौक {बिहार क्लब, कचहरी रोड {शक्ति श्रोत संघ, गाड़ीखाना {कोकर दुर्गा पूजा कमेटी, कोकर {नेताजी नगर दुर्गा पूजा कमेटी, कांटाटोली 26 सितंबर ओसीसी क्लब, बांग्ला स्कूल लेन {चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति, मेनरोड {भारतीय नवयुवक संघ, बकरी बाजार {राजस्थान मिश्र मंडल, सेवा सदन पथ {हरमू पंचमंदिर , हरमू चौक के पास {आरआर स्पोर्टिंग क्लब ज्योति संगम, शहीद चौक {स्टेशन रोड दुर्गा पूजा समिति, स्टेशन रोड आज का दिन दीनदयाल उपाध्याय की जयंती1916. भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य का मथुरा में जन्म हुआ था। पूरे देश में इसे अंत्योदय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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