भास्कर इनसाइड झारखंड क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन के तत्वावधान में 13 दिसंबर को क्रिसमस कार्निवल का आयोजन िकया जाएगा। कार्निवल में सभी चर्च के यूथ शामिल होंगे। कार्निवल दोपहर 2 बजे लोयला मैदान से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगा। इस बार कार्निवल का मुख्य आकर्षण जीवंत चरनी का प्रदर्शन होगा। साथ ही सालोम ग्रुप अपना प्रदर्शन करेंगे। इस साल राजधानी का कार्निवल 10 साल पूरा कर रहा है। राजधानी में क्रिसमस कार्निवल की शुरुआत झारखंड क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन (जेसीवाईए) ने की। झारखंड क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन अलग-अलग चर्च के युवाओं का एक संगठन है। जिन्होंने सबसे पहले 15 दिसंबर 2016 में कार्निवल का आयोजन किया। कार्निवल लोयोला मैदान से डंगराटोली होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला गया था। पहली बार लोग मोटरसाइकिल और पैदल कार्निवल में शामिल हुए थे। उस समय मात्र डेढ़ सौ लोग शामिल हुए थे। साल 2016 के बाद हर साल कार्निवल का आयोजन किया गया और लोग जुटते गए। आज कार्निवल में हजारों की संख्या में युवा शामिल होते हैं। आज सिर्फ झारखंड में ही नहीं बल्कि भारत के कई हिस्सों में बड़े रूप में क्रिसमस कार्निवल का आयोजन किया जाता है। पहले कार्निवल में नगाड़ा, ढोल-मांदर के साथ युवा क्रिसमस गीत गाते कार्निवल में शामिल हुए थे। वर्तमान में साउंड बॉक्स के साथ युवा कार्निवल में शामिल होते हैं। लाइव म्यूजिक के साथ झूमते हुए क्रिसमस की खुशी मनाते हैं। 14 दिसंबर को मांडर के युवा क्रिसमस कार्निवल निकालेंगे। ख्रीस्त राजा पर्व पर निकलती थी शोभायात्रा जेसीवाईए के केंद्रीय अध्यक्ष कुलदीप तिर्की ने बताया कि क्रिसमस के पूर्व सिर्फ रोमन कैथोलिक के लोग ही ख्रीस्त राजा पर्व पर शोभायात्रा निकालते थे। बाकी चर्चों में शोभायात्रा नहीं निकाली जाती थी। कार्निवल का उद्देश्य सभी चर्चों के युवाओं को जोड़ना था, ताकि साथ मिलकर क्रिसमस के संदेश, इसकी खुशी और प्रेम को लोगों में बांट सकें। शुरुआती समय में कुलदीप तिर्की, अल्बिन लकड़ा, संदीप उरांव, लुकस, अरुण नगेशिया, अभिषेक, आकाश, रवि तिर्की, सोनू,जेवियर आदि थे। साल 2016… कार्निवल लोयोला मैदान से डंगराटोली होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक निकला था


