रांची के एससी-एसटी थाने में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर की गई है। यह एफआईआर नामकुम की रहने वाली अंजली लकड़ा ने कराई है। दरअसल 18वीं लोकसभा के बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया था। उनके इस अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी पर विवाद हो गया। सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू के लिए बेचारी शब्द इस्तेमाल किया। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया। भाजपा ने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताया और माफी की मांग की। अब यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। राष्ट्रपति पर की गई इस तरह की टिप्पणी को लेकर रांची में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यहां जानिए एफआईआर की पूरी बात अंजली लकड़ा द्वारा कराए गए एफआईआर में लिखा हुआ है कि बजट सत्र के अभिभाषण के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए बोरिंग, पुवर लेडी, असहाय, लाचार, गरीब महिला और थकी हुई कह कर अपमानित किया गया। भारत के सर्वोच्च राष्ट्रपति, भारत के प्रथम नागरिक, तीनों सेनाओं के अध्यक्ष पद पर आसीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सोची समझी साजिश के तहत अनुसूचित जनजाति आदिवासी महिला को योजनाबद्ध तरीके से मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह अपमान/प्रताड़ित करना पूरे देश के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति आदिवासी समाज का अपमान/प्रताड़ित करना है। पढ़िए सोनिया-राहुल का कमेंट… सोनिया गांधी- अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गईं थीं। बेचारी वह मुश्किल से बोल पा रही थीं।
राहुल गांधी- यह बोरिंग था, वहीं बातें बार-बार रिपीट की गईं। प्रियंका ने मां सोनिया का किया बचाव, कहा- उनकी बात तोड़ी-मरोड़ी गई सोनिया गांधी की आलोचना पर प्रियंका ने कहा- ‘मेरी मां 78 साल की बुजुर्ग महिला हैं, उन्होंने बस इतना कहा कि ‘राष्ट्रपति ने इतना लंबा भाषण पढ़ा होगा, वह थक गई होंगी, बेचारी।’ वह पूरी तरह से भारत की राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं। मुझे लगता है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया इस तरह की बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। वे दोनों हमसे बड़े और सम्मानित लोग हैं। उनकी बात का कोई गलत मतलब नहीं था।’


