भाठागांव मुख्य मार्ग से गुजरने वाली राइजिंग लाइन में आई लीकेज को शुक्रवार को सुधारा गया। करीब 7 घंटे तक चले इस मरम्मत कार्य के चलते राजधानी के 45 में से 32 टंकियों में पानी नहीं भरा जा सका। इसके चलते शुक्रवार की शाम घरों में जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित रही। पिछले दो महीने में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब राइजिंग लाइन में लीकेज की समस्या आई है। इसका प्रमुख कारण खराब सड़क और भारी वाहनों का दबाव माना जा रहा है। खारुन नदी के फिल्टर प्लांट से भाठागांव होते हुए शहर की 32 टंकियों में पानी पहुंचाने वाली 1400 व्यास की राइजिंग पाइपलाइन में पिछले कुछ दिनों से लीकेज की समस्या आ गई थी। इसके चलते भाठागांव मुख्य सड़क पर पानी का जमाव हो रहा था। इसे सुधारने के लिए शुक्रवार को 8 घंटे का शटडाउन लिया गया। सुबह से ही नगर निगम के जलकार्य विभाग की टीम सुधार कार्य में जुटी रही। आज से घरों में दोनों टाइम मिल सकेगा पानी
जल कार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता नर सिंह फरेन्द्र ने बताया कि मरम्मत कार्य सुबह 8.30 बजे शुरू हुआ और ठीक 3.30 बजे इसे पूरा कर लिया गया। मरम्मत पूरा होने के बाद 4 बजे प्लांट को दोबारा शुरू किया गया। मरम्मत के चलते टंकियों में बिल्कुल भी पानी नहीं था। इसलिए शाम को जलापूर्ति पूरी तरह से बाधित रही। शनिवार की सुबह से पानी सप्लाई फिर से शुरू कर ली जाएगी। 25 साल पुरानी है पाइपलाइन, लेकिन सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा, इसलिए बार-बार टूट रही
निगम के जलकार्य विभाग अफसरों के अनुसार भाठागांव से पांच राइजिंग पाइपलाइन गुजरी है, जो 25 साल पुरानी हैं। पाइपलाइन बहुत पुरानी नहीं है, ऐसे में लीकेज का कारण खराब सड़क और भारी वाहनों का दबाव है। निगम की टीम इसे जरूर सुधार देती है, लेकिन गड्ढे को सही तरीके से भरकर समतल नहीं किया जाता। ऐसे में वाहनों का अतिरिक्त जोर उसी गड्ढे पर पड़ता है। इसके नीचे के पाइपलाइन पर वाइब्रेशन के कारण फिर से लीकेज की आशंका रहती है। नगर निगम के जलकार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष कुमार साहू भी ने कहा कि पाइपलाइन में मरम्मत के बाद उस गड्ढे को सही से नहीं भरा जा रहा है और वहां पर फिर से लीकेज की समस्या हो जाती है। यही समस्या निगम के अलग-अलग जोन में प्रमुख मार्गों सहित गलियों में भी देखने को मिलती है।


