राजकीय इटखोरी महोत्सव 19 फरवरी से:कार्यकम में आएंगे बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर, ड्रोन शो और वाटर स्पोर्ट्स भी होगा ऑर्गनाइज

चतरा जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल इटखोरी में 19 से 21 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय राजकीय महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आस्था, संस्कृति और रोमांच के इस संगम के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। डीसी कीर्तिश्री ने सोमवार को समाहरणालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। इस वर्ष महोत्सव में आध्यात्मिकता के साथ आधुनिकता और साहसिक खेलों का भी समावेश होगा। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न होने के स्पष्ट निर्देश डीसी ने महोत्सव के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न होने के स्पष्ट निर्देश दिए। डीसी ने मंदिर से मुख्य सड़क तक की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई और दर्शक दीर्घा में बैठने की व्यवस्था समय पर पूरी करने का आदेश दिया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए मोबाइल और स्थायी शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याएं इस बार विशेष होंगी। इनमें बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर और देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन शो होगा, जो पहली बार चतरा के आसमान को रोशन करेगा। रोमांच के शौकीनों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। 19 और 20 फरवरी को बक्सा डैम में आम जनता के लिए निःशुल्क वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, लक्षणपुर भेड़ी फॉर्म में पैरा-ग्लाइडिंग के माध्यम से पर्यटक इटखोरी की प्राकृतिक सुंदरता का हवाई दृश्य देख सकेंगे। वहीं, महोत्सव के अंतिम दिन यानी 21 फरवरी को मां भद्रकाली मंदिर स्थित महाने नदी के तट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा, जो पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा और अनुमंडल पदाधिकारियों सहित जिले के तमाम वरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन का पूरा ध्यान आपसी समन्वय पर है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने चतरा की एक भव्य और सुरक्षित छवि पेश की जा सके। राजकीय इटखोरी महोत्सव 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि चतरा की विरासत और आधुनिकता का उत्सव है। 19 फरवरी से शुरू होने वाले इस मेले के लिए अब बस कुछ ही दिनों का इंतजार बाकी है।

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