करौली के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का वर्षों से बंद पड़ा पुस्तकालय अब फिर से संचालित होने लगा है। फरवरी 2024 में पुस्तकालयाध्यक्ष के ट्रांसफर के बाद से यह पुस्तकालय बंद था, जिससे 47,500 से अधिक पुस्तकें ताले में बंद थीं और विद्यार्थी व शोधार्थी पुस्तकालय सुविधा से वंचित थे। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य रफीक खान ने असिस्टेंट प्रोफेसर महेंद्र मीणा को पुस्तकालय का प्रभार सौंपा है। इस नियुक्ति के बाद पुस्तकालय को छात्रों के लिए दोबारा खोल दिया गया है। पुस्तकालय के फिर से शुरू होने से छात्रों में उत्साह है। विद्यार्थियों का कहना है कि महीनों से बंद होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि स्थायी पुस्तकालयाध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि भविष्य में पुस्तकालय संचालन में कोई बाधा न आए।


