राजगढ़ जिले में आज जल संरक्षण को लेकर ऐतिहासिक पहल की जा रही है। जिले में देश का पहला ‘जल अर्पण दिवस’ आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य जल को सिर्फ सरकारी योजना तक सीमित न रखकर सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है। आयोजन को जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम में जल जीवन मिशन, भारत सरकार के डायरेक्टर विकास कुमार, संयुक्त संचालक स्वाति मीना नायक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मंत्री संपत्तियों उईके, प्रमुख सचिव पीएचई पी. नरहरि और मध्यप्रदेश जल निगम के प्रबंध संचालक के.वी.एस. चौधरी शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह पंवार और गौतम टेटवाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। आमजन और बच्चों को जोड़ा जाएगा जल अर्पण दिवस को औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। आयोजन के दौरान जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमजन, खासकर बच्चों और ग्रामीणों को जोड़ा जाएगा। लोकगीत, जागरूकता कार्यक्रम और जल संकल्प के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि पानी केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी है। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को व्यवहार में उतारना कार्यक्रम का उद्देश्य जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को व्यवहार में उतारना है। इसमें हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना, जल स्रोतों का संरक्षण, पानी की बर्बादी रोकना और संतुलित उपयोग को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना शामिल है। प्रशासन का मानना है कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण को स्थायी रूप दिया जा सकता है। राजगढ़ में पहल का भविष्य राजगढ़ में आयोजित यह जल अर्पण दिवस यह संकेत देता है कि जल संरक्षण को अब एक दिन के आयोजन से आगे बढ़ाकर निरंतर अभियान के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसे देश के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।


