राजगढ़ कलेक्टर गिरीश शर्मा ने जिले में नरवाई (पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश शुक्रवार शाम को जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर हार्वेस्टर संचालकों और भूमि मालिकों पर अलग-अलग अर्थदंड निर्धारित किए गए हैं। कलेक्टर ने बताया कि नरवाई जलाने से खेतों में कीट और जीव-जंतु नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचता है। मध्य प्रदेश शासन और पर्यावरण विभाग, भोपाल द्वारा जारी अधिसूचना के बाद भूमि की उर्वरता बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि हार्वेस्टर मशीन संचालकों को फसल कटाई के लिए स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इससे बची हुई नरवाई का भूसा मौके पर ही बनाया जा सकेगा। यदि कोई हार्वेस्टर संचालक स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के बिना फसल की कटाई करता पाया जाता है, तो उस पर 5,000 रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हार्वेस्टर मशीन संचालकों को भूमि स्वामी, उनके संपर्क नंबर और कार्यक्षेत्र की जानकारी स्थानीय थाने में दर्ज करानी होगी। अधिसूचना का उल्लंघन करने वाले भूमि धारकों पर भी अर्थदंड लगाया जाएगा। 2 एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले भूमि धारकों पर प्रति घटना 2,500 रुपए, 2 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर प्रति घटना 5,000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर प्रति खेत 15,000 रुपए का अर्थदंड निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आदेश लागू होने के बाद यदि नरवाई जलाने की कोई घटना होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


