राजगढ़ में सर्दी का प्रकोप चरम पर है। बुधवार की रात घने कोहरे और गिरती ओस की बूंदों ने ठंड को और तेज कर दिया। शहर की सड़कों और गलियों में छाई धुंध ने माहौल को मानो शिमला जैसा बना दिया। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने से ठंड ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। ऐसे कठिन समय में कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने मानवीयता की मिसाल पेश करते हुए खुद मोर्चा संभाला। कलेक्टर का औचक निरीक्षण और संवेदनशीलता बुधवार रात कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने अचानक वृद्धाश्रम का दौरा किया। वहां मौजूद बुजुर्गों से मिलकर उन्होंने उनका हालचाल जाना और ठंड से बचाव के लिए अपने हाथों से कंबल ओढ़ाए। इसके बाद कलेक्टर ने बुजुर्गों के साथ बैठकर गर्म दूध पिया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने वृद्धाश्रम में तत्काल हीटर लगाने और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। ठिठुरते बेसहारा लोगों की मदद वृद्धाश्रम से लौटने के बाद कलेक्टर ने शहर की सड़कों का निरीक्षण किया। बस स्टैंड और उसके आसपास ठंड में सो रहे बेसहारा लोगों को कंबल बांटे और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर मिश्रा ने रेन बसेरा का भी दौरा किया, जहां उन्होंने ठहरने वालों से बातचीत की और उनकी जरूरतों का जायजा लिया। आने वाले दिनों में भी सतर्कता जारी कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि वे आगामी दिनों में पूरे जिले में रात के समय अचानक निरीक्षण करेंगे, ताकि हर जरूरतमंद तक राहत पहुंच सके। प्रशासन की प्राथमिकता है कि ठंड से किसी भी व्यक्ति को कोई कष्ट न हो। राजगढ़ का तापमान


