राजगढ़ में आयोजित सांसद खेल महोत्सव का गुरुवार को समापन हो गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना था। समापन समारोह में विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन,आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन की आदतों को विकसित करते हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में खेल भावना बढ़ती है और उन्हें नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने में मदद मिलती है। सांसद बोले- हर खिलाड़ी को अवसर देने की पहल
सांसद रोडमल नागर ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव हर खिलाड़ी को खेलने का अवसर देने की एक पहल है। उन्होंने उन खिलाड़ियों को निराश न होने की सलाह दी जो जीत नहीं पाए, क्योंकि मैदान में उतरना ही अपने आप में एक बड़ी बात है। सांसद नागर ने दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि उनका जज्बा सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश का हर नागरिक रोजाना एक घंटा खेल के मैदान में बिताए, तो भारत शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनेगा। कलेक्टर ने कहा- खेलों को भी बराबर महत्व
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी बराबर महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के “खेलेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया” विजन के तहत जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले के हर विकासखंड में स्टेडियम विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेल खेलने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेलों में भाग लेने वाला हर खिलाड़ी विजेता होता है, क्योंकि खेल से अनुशासन और टीम भावना सीखने को मिलती है। सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, बैडमिंटन और योग सहित कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और दर्शकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को सफल बनाया।


