राजधानी रांची में होम और धनबाद में एजुकेशन लोन लेने वाले राज्य में सबसे अधिक

झारखंड के बैंकों ने पिछले एक वर्ष में खुले हाथों से लोगों को उनका सपना पूरा करने के लिए लोन दिया है। रांची के लोगों ने अपने आशियाने के लिए करीब 813 करोड़ रुपए होम लोन लिया। हालांकि, यह राशि पिछले साल से 44 करोड़ रुपए कम है। पूर्वी सिंहभूम के लोगों ने 385 और धनबाद के लोगों ने 223 करोड़ होम लोन लिया है। दिलचस्प यह है कि लोन लेने वाले लोगों में अधिकांश वैसे हैं जिन्होंने 35 लाख रुपए से ज्यादा का लोन लिया है। वहीं, धनबाद के छात्र पढ़ाई के लिए लोन लेने में सबसे अव्वल रहे। उन्होंने एक साल के दौरान 118 करोड़ रुपए एजुकेशन लोन लिया। यह ​राशि पिछले साल की तुलना में करीब 102 करोड़ ज्यादा है। दूसरे स्थान पर रांची हैं। यहां छात्रों ने उच्च शिक्षा के लिए 90 करोड़ का लोन लिया। यह पिछले साल से 32 करोड़ रुपए अधिक है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2023 से लेकर सितंबर 2024 के बीच बैंकों ने झारखंड में कुल 1950 करोड़ रुपए लोन दिया है। यह 2022-23 के मुकाबले 14.5 फीसदी ज्यादा है। राज्यवासियों ने 2023 सितंबर तक 13,050 करोड़ होम लोन लिया था, जो 2024 के सितंबर में बढ़कर 15,458 करोड़ रुपए हो गया। घर-फ्लैट के लिए 35 लाख से ज्यादा लोन लेने वालों में 23.12% की वृद्धि दर्ज की गई है। सभी जिले के छात्रों ने उच्च शिक्षा के लिए लिया लोन जिला 2023 2024 बोकारो 13.7 18 धनबाद 15.5 118 रांची 58 90 पू सिंहभूम 39 83 हजारीबाग 07 08 बैंक से लोन लेना हुआ आसान : चैंबर अध्यक्ष झारखंड चैंबर के अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि बैंक अब आसानी से होम लोन दे रहे हैं। डॉक्यूमेंटेशन कम होता है। फ्लैट्स की काफी डिमांड है। यदि बालू की समस्या दूर हो जाए, तो कंस्ट्रक्शन सेक्टर में बूम आएगा। सीडी रेशियो बढ़ना भी इंडीकेट करता है कि झारखंड व्यापार बढ़ रहा है। लोगों को आसानी से लोन मिल रहा है। {घर-फ्लैट के लिए 35 लाख रुपए से ज्यादा होम लोन लेने वालों की संख्या में 23.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अपार्टमेंट कल्चर बढ़ने से बढ़ा होम लोन : एसएलबीसी एसएलबीसी के डीजीएम सीएच गोपाल कृष्णा ने कहा कि 35 लाख से ज्यादा के होम लोन की डिमांड है। लोग शहरों में घर खरीद रहे हैं। फ्लैट की डिमांड भी बढ़ी है। बैंक भी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट फाइनेंस करते हैं और अप्रूव भी करते हैं। इससे लोगों को लोन लेने में परेशानी नहीं होती है। सीएनटी-एसपीटी एक्ट का भी झंझट नहीं होता है। ग्रामीण क्षेत्र में 25 लाख और शहरी में 35 लाख के ऊपर नॉन प्रायोरिटी होम लोन होता है। बैंक नॉन प्रायोरिटी सेक्टर को ज्यादा लोन देते हैं। देशभर में रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ने से एजुकेशन लोन देने में भी बैंक आगे आ रहे हैं। धनबाद और हजारीबाग में होम लोन लेने वाले बढ़े राज्यवासियों ने 2023 सितंबर तक 13,050 करोड़ होम लोन लिया था, जो 2024 के सितंबर में बढ़कर 15,458 करोड़ हो गया। रांची-बोकारो में लोन लेने वाले कम हुए हैं। वहीं, धनबाद, हजारीबाग में लोन लेनेवाले बढ़े हैं। क्रेडाई के संयुक्त सचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि रांची के मुकाबले लोग अन्य जिलों में घर खरीदना पसंद कर रहे हैं। क्योंकि यहां जमीन महंगी है। फ्लैट के दाम ज्यादा हैं। 30 सितंबर 2024 तक झारखंड के बैंकों के एजुकेशन लोन के 44,111 खाते में राशि 2115 करोड़ रुपए हैं, जबकि 2023 के सितंबर में 42,677 खातों में 1966 करोड़ रुपए ही थे।

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