राजनांदगांव में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का खुलासा:भारतीय पीड़ितों से ठगी, पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर कंबोडिया भेजते थे; मुंबई से पकड़ा गया आरोपी

राजनांदगांव में एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा हुआ है। 90,000 रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी रोहित वीरवानी को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रोहित वीरवानी कंबोडिया स्थित ठगी सेंटर के लिए काम करता था। उसका काम भारत में बैंक खाते जुटाना और ठगी से मिले पैसों को क्रिप्टोकरेंसी USDT (U.S Dollar Tether) में बदलकर कंबोडिया भेजना था। पैसे लेकर कंबोडिया भेजता था आरोपी भारतीय और चीनी साथियों के साथ मिलकर काम करता था। वह ठगी के पैसों को एटीएम से निकालकर क्रिप्टोकरेंसी खरीदता और डिजिटल वॉलेट के जरिए कंबोडिया भेज देता था। 3 आरोपी पहले ही पकड़ाए एसपी मोहित गर्ग के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जांच के दौरान पाया कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा है। इस मामले में पहले ही श्रेणिक कुमार सांघवी (24), शुभम तिवारी (26) और दीपक नरेडी (27) को गिरफ्तार किया जा चुका है। 90,000 रुपए की धोखाधड़ी की थी गिरोह का मुख्य आरोपी रोहित महेश कुमार वीरवानी को मुंबई के अंधेरी-जोगेश्वरी वेस्ट से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने राजनांदगांव में रूपेश साहू के बैंक खाते से 90,000 रुपए की धोखाधड़ी की थी। अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस यह गिरफ्तारी साइबर अपराध से लड़ने में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 1 नग एंड्राईड मोबाईल सेट और 4 नग एटीएम कार्ड जप्त किया गया है।

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