राजनांदगांव के धामनसरा में मितान छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार कल्याण संघ और ग्रामवासियों ने मिलकर मितान लोक महोत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत तुकाराम यादव के नेतृत्व में जय बजरंग रामधुनी मंडली द्वारा झांकी के साथ रामधुनी से हुई। युवा पंडवानी गायिका तरुणा साहू ने द्रौपदी चीरहरण का प्रसंग प्रस्तुत किया। जस सम्राट दुकालू यादव ने ‘मोर गांव के शीतला दाई’, ‘अंगारमोती मोर दाई’ और ‘झूपत-झूपत आबे दाई’ जैसे देवी जस गीत गाए। लोक गायिका आरू साहू ने छत्तीसगढ़ी सुआ गीत, गौरा गीत और राउत नाचा गीत पेश किए। अलका परगनिहा चंद्राकर ने ‘ढोल बाजे रे’, ‘तोर बोली मीठ लागे परेवना’ और ‘तोर चेहरा आंखी मा झूलत रहिथे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। विवेक शर्मा और कंचन जोशी की जोड़ी ने ‘का तै मतौना खवाये मोला’ और ‘तोर बर रह जाहूं मैं जिंदगी भर कुंवारा’ गीतों से श्रोताओं का दिल जीता। राकेश सेन के गीतों और फिल्म कलाकार शिवा साहू के संवादों ने भी दर्शकों का मन मोहा। हास्य कलाकार घेवर यादव और भोला साहू ने स्टैंडअप कॉमेडी से दर्शकों को खूब हंसाया। कार्यक्रम का समापन अमरज्योति नाच पार्टी मोहला की नृत्य प्रस्तुति के साथ हुआ।


