जय राजपूताना संघ ने शनिवार की रात राजपूताना गौरव, छात्र धर्म, संस्कार, संस्कृति व धरोहर संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। सैकड़ों राजपूत युवाओं ने तलवारबाजी, लठ्ठ, तीर चलाना सीखा। साथ ही सम्मान का प्रतीक साफा बांधना भी सीखा। रविवार को कार्यक्रम के समापन अवसर पर सुबह 10 बजे बड़ा गणपति हंसदास मठ से एक शौर्य संचलन शुरू होगा, जो महाराणा प्रताप प्रतिमा महू नाका तक जाएगा। जय राजपुताना संघ के धर्मेंद्रसिंह सोनगरा, प्रदेश संयोजक लाखनसिंह कढ़ोडिया, संस्थापक विश्वनाथ प्रताप सिंह रेटा आदि ने बताया 1 जनवरी से सुपर कॉरिडोर के समीप बुढ़ानिया में महासमर भूमि शिविर चल रहा है। शनिवार शाम 4 बजे से 1200 शिविरार्थियों, अतिथियों, राजपूत समाजजनों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।


