राजसमंद के प्रताप बस्ती क्षेत्र में आयोजित हिंदू सम्मेलन के तहत शहर में कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा का शुभारंभ सनवाड़ क्षेत्र से हुआ, जो फव्वारा चौक, कबूतरखाना, शीतलामाता मंदिर, दाणी चबूतरा होते हुए महात्मा गांधी स्कूल, राजनगर पहुंचकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही। सजीव झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में सजीव झांकियां विशेष आकर्षण रहीं। इन्हें देखने के लिए मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। झांकियों ने धार्मिक संदेशों के साथ सामाजिक समरसता का भाव भी प्रस्तुत किया। विराट हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। सम्मेलन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कैलाश चंद्र शर्मा तथा चेतन दास आश्रम से आए महंत बिहारी दास ने संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में संस्कार, एकता और सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष गिरिराज लड्ढा और मंजू बड़ोला ने भी अपने विचार रखे और सफल आयोजन के लिए सहयोगियों का आभार जताया। इनकी रही प्रमुख उपस्थिति सम्मेलन के दौरान संयोजक लीलेश खत्री, बद्री माल, प्रहलाद वैष्णव, नीलकंठ, हिम्मत मेहता, हेमेंद्र सिंह पंचोली, कैलाश पुरोहित, अर्जुन खत्री, दीपक रजक, कपिल बड़ोला, भेरूलाल नंदवाना, मुरली भोई, रतन साहू, सत्य नारायण लक्ष्यकार, राहुल बापड़ोत, अनिल रजक, दुर्गेश यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। समापन पर सामूहिक भोजन, देर रात तक चला आयोजन कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। आयोजन देर रात्रि तक चलता रहा।


