बाड़मेर जिले के बायतु विधायक हरीश चौधरी ने राज्यपाल अभिभाषण पर बोलते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने लाल डायरी को लेकर बहुत बार बोला गया, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषणों में जिक्र किया। लेकिन दो बार राज्यपाल का अभिभाषण हुआ लेकिन उल्लेख नहीं हुआ। अब राजस्थान की जनता लाल डायरी का इंतजार कर रही है। चौधरी ने कहा कि बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए कोचिंग संस्थान बाधा बने हुए है। संविधान में एक व्यक्ति की सरकार नहीं होती है, एक व्यक्ति का महिमा मंडन करते संविधान के मूल उद्देश्य के खिलाफ बायतु विधायक ने कहा कि सरकार कैबिनेट की होती है, संविधान के अंदर किसी एक व्यक्ति की सरकार नहीं होती है, जो भी एक व्यक्ति का महिमा मंडन करते है वो संविधान के मूल उद्देश्य के खिलाफ है। एक व्यक्ति का महिमा मंडन करने के लिए आज के समय मे इस देश के कैबिनेट मंत्री भी महसूस नही करते है कि हम सरकार का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने कहा कि ओबोसी के संदर्भ में मण्डल कमीशन के माध्यम से आरक्षण की व्यवस्था हुई उस मण्डल कमीशन को लेकर आरएसएस की उस वक्त क्या राय थी उसके बारे में भी समझें। राजस्थान की जनता लाल का डायरी का इंतजार कर रही है चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने लाल डायरी को लेकर बहुत बार बोला गया, वही प्रधानमंत्री ने भी अपने भाषणों में जिक्र किया गया लेकिन दो बार राज्यपाल का अभिभाषण हुआ लेकिन उल्लेख नहीं हुआ। अब राजस्थान की जनता इंतजार कर रही है कि वो लाल डायरी है कहा। चौधरी ने सदन में बोलते हुए कहा कि या तो सरकार अपनी असक्षमता को इस अभिभाषण के माध्यम से स्वीकार करें या स्वीकार्यता नहीं है तो शायद इस लोकतंत्र में जो सरकार के तौर पर अधिकार मिला है वो गलत है। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार, एक साल बीत जाने के बाद कार्रवाई नहीं है जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार को लेकर बोलते हुए हरीश चौधरी ने कहा कि सरकार का एक साल निकल गया उसके बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन में सर्वे के दौरान कमिया रही जिसके कारण आज कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही है। कई जगह स्वीकृतियां नहीं हुई है। गुणवता व अन्य कई तरह की समस्याएं बनी हुई है उस पर कोई सदन में चर्चा नहीं हो रही है। चौधरी ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतगर्त 2023-24 में 6 हजार आठ सौ तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए वही इस वर्ष 2024-25 में सिर्फ 34044 करोड़ ही खर्च हुए। उन्होंने कहा कि अगर यह योजना हम सफल नहीं कर पाए तो भविष्य में इस तरह की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसको लेकर एक सत्र इस विधानसभा में रखने का आह्वान किया। जो भी कमियाँ रही है उसको लेकर हमें सामूहिक मिलकर हल निकालने की जरूरत है। कोचिंग संस्थाएं बच्चों के सर्वागीण विकास में बाधा बने हुए है सदन में हरीश चौधरी ने प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था और कोचिंग संस्थाओं पर बोलते हुए कहा कि छात्र जीवन की शैक्षणिक व्यवस्था के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। बच्चों के सर्वांगीण विकास में यह कोचिंग संस्थान बाधा बने हुए है। उन्होंने कहा कि हम 8 करोड़ जनसंख्या में केवल 1 प्रतिशत भी नौकरियां नहीं है ओर कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने की सरकार के पास कोई व्यवस्था क्यों नहीं है। आज कोटा के कोचिंग संस्थानों में छात्रों की हो रही आत्महत्याएं चिंताजनक है। यह व्यवस्थाएं हमें सुधारने की जरूरत है, चौधरी ने बताया कि पेपर लीक की समस्या को लेकर हमें इसकी जड़ तक जाना होगा और आज न्यूनतम सुरक्षा के लिए पेपर व इंटरव्यू के लिए एक व्यवस्था बनाने के लिए हमें सदन में चर्चा करने की जरूरत है। 1038 बीघा जमीन छोड़ी लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं सदन में हरीश चौधरी ने सौर ऊर्जा, ओरण और सोलर ऊर्जा पर प्रभावी सम्बोधन देते हुए कहा कि पिछली सरकार में हमने 29 हजार बीघा सरकारी जमीन को ओरण में दर्ज की गई। कही पर भी उसको लेकर विवाद व चर्चा नहीं हुई, पिछले दिनों में ओरण को लेकर विवाद हो रहा है जो कंपनी 1038 बीघा जमीन पर मगरा व बाईया में ओरण के ऊपर काम करना चाह रही थी। जो जमीन सिर्फ छोड़ी जो ओरण में दर्ज नहीं की गई। इसी तरह यह सरकार भी पिछली सरकार की तरह ओरण में दर्ज करने का फैसला करें।


