प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PMSG-MBY) को लेकर केंद्र सरकार ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। 30 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, राजस्थान में सौर ऊर्जा को लेकर मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 1 लाख 32 हजार 231 घरों की छतों पर सोलर प्लांट इंस्टॉल किए जा चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से अब तक 1 लाख 36 हजार 187 परिवारों को जोड़ा गया है और कुल 925.12 करोड़ रुपए की सब्सिडी (CFA) जारी की गई है। रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण करें तो साफ पता चलता है कि योजना का लाभ कुछ बड़े शहरों तक ही सिमटकर रह गया है, जबकि नए और ग्रामीण जिलों में यह अभी भी संघर्ष कर रही है। जयपुर का एकतरफा दबदबा, श्रीगंगानगर दूसरे नंबर पर योजना के क्रियान्वयन में राजधानी जयपुर प्रदेश के अन्य सभी जिलों से कोसों आगे है। यहां अब तक 27,090 सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिसके बदले सरकार ने 192.35 करोड़ रुपए की सब्सिडी सीधे लोगों के खातों में भेजी है। जयपुर के बाद श्रीगंगानगर में 11,923 और हनुमानगढ़ में 7,752 घरों में सोलर सिस्टम लगे हैं। शेखावाटी बेल्ट में सीकर (7,813) और झुंझुनू (6,067) में भी काम अच्छा हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना की पहुंच और जागरूकता उत्तरी राजस्थान और राजधानी के आसपास ही केंद्रित है। जोधपुर-उदयपुर में औसत काम, औद्योगिक हब पीछे
पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े केंद्र जोधपुर में अब तक 7,389 घरों पर पैनल लगे हैं, जबकि पाली जिले में यह संख्या 2,598 ही है। मेवाड़ के केंद्र उदयपुर में 6,700 और बीकानेर में 5,406 परिवारों ने योजना का लाभ लिया है। औद्योगिक शहरों की बात करें तो कोटा में 4,828, भीलवाड़ा में 4,437 और चित्तौड़गढ़ में 4,293 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए हैं। अजमेर में भी 5,361 घरों में सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इन बड़े शहरों में आबादी के अनुपात में सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या अभी और अधिक होने की उम्मीद थी। नए जिलों की स्थिति चिंताजनक, जैसलमेर में भी रुझान कम
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू नए बने जिलों और दूर-दराज के इलाकों की खराब स्थिति है। आंकड़ों के अनुसार, दूदू जिले में अब तक मात्र 8 और जोधपुर ग्रामीण में केवल 3 सोलर प्लांट लगे हैं। इसी तरह जयपुर ग्रामीण में 24, सांचौर में 151, सलूंबर में 157 और डीग में 154 इंस्टॉलेशन ही हो पाए हैं। हैरानी की बात यह है कि जैसलमेर जैसे जिले में, जहां सौर ऊर्जा की सबसे अधिक संभावनाएं हैं और धूप की प्रचुरता है, वहां भी आंकड़ा महज 270 पर ही अटका हुआ है। राजस्थान की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु :


